नई दिल्ली: जंतर-मंतर पर हुई मारपीट के मामले में दिल्ली पुलिस ने स्वतंत्र भारद्वाज को बुलंदशहर से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उन्हें कोर्ट के सामने पेश किया। सुनवाई के बाद अदालत ने स्वतंत्र को एक दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया।
पुलिस के मुताबिक, स्वतंत्र को कड़कड़डूमा कोर्ट परिसर में जज के आवास पर पेश किया गया। मामले की सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई। इसके बाद पुलिस को पूछताछ के लिए एक दिन की कस्टडी मिली।
जांच में बढ़ा कानूनी कार्रवाई का दायरा
इस केस में पुलिस ने अब कुछ और धाराएं भी जोड़ी हैं। CJP के प्रदर्शन के बाद दर्ज मामले में SC-ST एक्ट की धारा शामिल की गई। इसके अलावा नाबालिग से जुड़े आरोपों को लेकर POCSO एक्ट के तहत भी FIR दर्ज हुई है।
पुलिस की यह कार्रवाई 4 सितंबर को हुए प्रदर्शन के बाद सामने आई। उस दिन CJP कार्यकर्ताओं ने स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। इसी बीच पुलिस को एक वायरल पॉडकास्ट क्लिप भी मिली। इसमें स्वतंत्र पर छात्रा के पिता के साथ मारपीट की बात स्वीकार करने का आरोप लगाया गया।
जून में प्रदर्शन के दौरान हुआ था विवाद
मामला 23 जून 2026 का है। उस दिन जंतर-मंतर पर CJP का कार्यक्रम चल रहा था। शिकायतकर्ता अपनी 14 वर्षीय बेटी के साथ वहां मौजूद थे। शाम करीब 5:30 बजे वह मोबाइल से कार्यक्रम का वीडियो बना रहे थे।
आरोप के मुताबिक, इसी दौरान एक युवक से उनकी बहस हो गई। इसके बाद कुछ युवकों ने उन्हें घेर लिया और मारपीट की। शिकायत में सिर पर किसी ठोस वस्तु से हमला करने का भी आरोप लगाया गया है।
हमले के बाद घायल व्यक्ति को RML अस्पताल ले जाया गया। मेडिकल जांच में सिर पर दो कटे हुए घाव मिलने की बात सामने आई थी।
गिरफ्तारी के विरोध में थाने पहुंचे समर्थक
स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी के बाद हिंदू रक्षा दल के कार्यकर्ताओं ने पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर मामले में एकतरफा कार्रवाई करने का आरोप लगाया।
संगठन की ओर से पुलिस को एक शिकायत भी दी गई है। इसमें नाबालिग छात्रा और उसके पिता के खिलाफ भी FIR दर्ज करने की मांग की गई है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

