Tibet Earthquake News: नेपाल में भीषण फ्लैश फ्लड के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है और मृतकों का आंकड़ा 1,200 के पार पहुंच चुका है। इस बीच नेपाल के पड़ोसी तिब्बत से भूकंप की खबर सामने आई है। यहां 5.0 तीव्रता के भूकंप से धरती कांपी है। ऐसे में नेपाल में तबाही के बीच तिब्बत में आए इस भूकंप ने भी चिंता बढ़ा दी है।
नेपाल में तबाही के बीच भारत का रेस्क्यू मिशन
नेपाल में विनाशकारी बाढ़ से अब तक 1,243 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 5 हजार से ज्यादा लोग लापता हैं। इनमें कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए सैकड़ों भारतीय भी शामिल हैं। नेपाल में सेना और पुलिस का सर्च-रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। वहीं, भारतीय सेना की एक्सपर्ट टीम हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की टनल में फंसे लोगों को निकालने में जुटी है। भारत ने 11 विशेषज्ञों की टीम के साथ 5.5 टन राहत सामग्री और दवाओं की पांचवीं खेप भी नेपाल भेजी है। नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने भारत की मदद के लिए आभार जताया है।
तबाही के पीछे Climate Change?
नेपाल में महासैलाब की वजहों की जांच शुरू हो गई है। बुधवार को संसद में पीएम बालेन शाह ने इसके लिए Climate Change को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि भोटकोशी नदी में आई बाढ़ सामान्य बारिश की वजह से नहीं थी और हिमालयी इलाकों में जलवायु परिवर्तन का खतरा बढ़ रहा है। इस बीच, कई नदियां डेंजर लेवल से ऊपर बह रही हैं। प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वालों से सतर्क रहने और सुरक्षित ऊंचाई वाले इलाकों में जाने की अपील की है।

