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TMC में बढ़ता संकट: नेताओं के गायब होने और दलबदल के बीच कार्यकर्ता हुए दिशाहीन

West Bengal: पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) इन दिनों गंभीर नेतृत्व संकट का सामना कर रही है। पार्टी के सांसद, विधायक और पार्षद लगातार दलबदल कर रहे हैं, कुछ इस्तीफा दे रहे हैं, कुछ गिरफ्तार हो चुके हैं और कुछ कथित तौर पर फरार हैं। ऐसे में सबसे ज्यादा असर जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं पर पड़ा है, जो खुद को दिशाहीन महसूस कर रहे हैं।

कई जिलों में संगठन कमजोर

नादिया जिले के एक वरिष्ठ टीएमसी नेता ने दावा किया कि जिले में संगठन लगभग निष्क्रिय हो गया है। उनके अनुसार, चुनाव परिणामों के बाद पूरे जिले में भय का माहौल है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व राज्य मंत्री मानस भुइयां और प्रताप नायक को पार्टी से जुड़े वित्तीय कार्यों की जिम्मेदारी दी गई थी। चकदह क्षेत्र के नेता शंकर सिंह और जिशु सिंह भी कथित रूप से गायब हैं। उनका कहना है कि जिले में फिलहाल कोई संगठन खड़ा नहीं हो रहा और कार्यकर्ता असमंजस में हैं।

'TMC का मतलब ममता बनर्जी'

उत्तर 24 परगना में टीएमसी के पूर्व जिला अध्यक्ष निर्मल घोष ने कहा कि वे पार्टी के ईमानदार कार्यकर्ताओं के साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा, “तृणमूल कांग्रेस का मतलब ममता बनर्जी है, कोई और नहीं। सभी कार्यकर्ता और समर्थक ममता बनर्जी के साथ हैं।”

ब्लॉक स्तर तक दबाव

पूर्वी बर्दवान के पूर्व जिला अध्यक्ष सद्दाम हुसैन का कहना है कि पार्टी के बड़े पदाधिकारी मुश्किल में हैं और प्रशासन के जरिए संगठन को कमजोर करने की कोशिश हो रही है। हालांकि, उनके मुताबिक कार्यकर्ता अब भी ममता बनर्जी के साथ मजबूती से खड़े हैं। उन्होंने कहा कि कई नेता पूछताछ का सामना कर रहे हैं, लेकिन कार्यकर्ताओं का समर्थन बरकरार है।

नेता संपर्क से बाहर

कूच बिहार में पूर्व युवा नेता राहुल रॉय ने दावा किया कि ब्लॉक और ग्राम पंचायत स्तर के नेता कार्यकर्ताओं की बात नहीं सुन रहे हैं। कई नेता जिले से बाहर हैं, कुछ गिरफ्तार हो चुके हैं और कार्यकर्ताओं को कोई मार्गदर्शन नहीं मिल रहा।

दक्षिण 24 परगना में भी हालात चिंताजनक बताए जा रहे हैं। एक स्थानीय नेता के अनुसार सभी समितियां भंग हो चुकी हैं, कई ब्लॉक स्तर के नेता नजर नहीं आ रहे और वरिष्ठ नेता फोन तक नहीं उठा रहे। बावजूद इसके, उनका दावा है कि जमीनी कार्यकर्ता और निचले स्तर के नेता अब भी “दीदी” यानी ममता बनर्जी के साथ खड़े हैं।

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