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क्या वाराणसी दुनिया का दूसरा शाकाहारी शहर बनने की राह पर? मांस दुकानों के स्थानांतरण से छिड़ी बहस

by | Jun 25, 2026 | Cover Story Featured

Varanasi: वाराणसी नगर निगम ने शहर की सीमा के भीतर संचालित लगभग 350 से 400 मांस, मछली और पोल्ट्री दुकानों को अगले छह महीनों में शहर के बाहरी इलाकों रामनगर, सुजाबाद, गणेशपुर, अवलेश्वर और शिवपुर में स्थानांतरित करने का फैसला लिया है। प्रशासन इसे दिवाली से पहले पूरा करना चाहता है।

क्या वाराणसी शाकाहारी शहर बन रहा है?

हालांकि वाराणसी में मांसाहार पर प्रतिबंध नहीं लगाया गया है। लोग पहले की तरह मांस, मछली और चिकन खरीद सकेंगे, लेकिन इसके लिए उन्हें शहर के बाहरी बाजारों तक जाना होगा। गुजरात का पालिताणा अभी भी दुनिया का एकमात्र ऐसा शहर माना जाता है जहां मांस की बिक्री और सेवन पर सख्त प्रतिबंध है।

लोगों की बदली दिनचर्या

सिगरा निवासी ओम प्रकाश सिंह बताते हैं कि पहले वे लल्लापुरा से आसानी से मांस खरीद लेते थे, लेकिन अब उन्हें गंगा पार रामनगर तक जाना पड़ता है। कई स्थानीय दुकानों ने पहले ही बंद होना शुरू कर दिया है।

धार्मिक शहर और विविध खानपान

काशी को धार्मिक नगरी माना जाता है, लेकिन यहां ठाकुर, मुस्लिम और बंगाली समुदाय सहित बड़ी आबादी मांसाहारी भोजन का सेवन करती है। अनुमान के अनुसार शहर में हिंदू आबादी 68-72 प्रतिशत और मुस्लिम आबादी 27-30 प्रतिशत के बीच है।

अन्य धार्मिक शहरों से तुलना

हरिद्वार, अयोध्या और तिरुपति में भी धार्मिक क्षेत्रों के आसपास मांस बिक्री पर कुछ प्रतिबंध हैं। हालांकि वाराणसी में पूर्ण प्रतिबंध नहीं लगाया गया है। प्रशासन का कहना है कि नई जगहों पर बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जबकि स्थानीय लोग इस फैसले पर व्यापक चर्चा और परामर्श की मांग कर रहे हैं।

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