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डलास हत्याकांड पर ट्रंप का धमाकेदार रिएक्शन – अवैध अपराधी को मिलेगी कड़ी सजा, बोले ‘नरमी का दौर खत्म!’

Donald Trump : अमेरिका के टेक्सास राज्य के डलास शहर में 10 सितंबर को हुई एक दिल दहला देने वाली घटना ने भारतीय समुदाय को झकझोर कर रख दिया है। कर्नाटक से ताल्लुक रखने वाले भारतीय नागरिक चंद्र नागमल्लैया की उनके परिवार के सामने बेरहमी से हत्या कर दी गई। आरोपी ने चाकू से हमला कर उनका सिर धड़ से अलग कर दिया। इस वारदात के बाद पुलिस ने 37 वर्षीय क्यूबाई नागरिक योर्डानिस कोबोस-मार्टिनेज को गिरफ्तार कर लिया है।

ट्रंप का बयान – “कानून की पूरी सीमा तक होगी सजा”

पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ पर लिखते हुए आरोपी को अवैध प्रवासी करार दिया और कहा कि उसे पहले ही देश से निकाल देना चाहिए था। ट्रंप ने मौजूदा बाइडेन प्रशासन की इमिग्रेशन नीतियों को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि उनकी वजह से ऐसे अपराधी अमेरिका में रह रहे हैं। उन्होंने वादा किया कि अपराधियों पर प्रथम श्रेणी का मुकदमा चलाया जाएगा और उन्हें कानून की अधिकतम सजा दिलाई जाएगी।

वॉशिंग मशीन विवाद बना खून-खराबे की वजह

डलास पुलिस के मुताबिक नागमल्लैया और कोबोस दोनों ‘डाउनटाउन सुइट्स’ मोटल में काम करते थे। यहां वॉशिंग मशीन को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हुई। बताया जाता है कि नागमल्लैया ने कोबोस से सीधे बातचीत न करके किसी अन्य व्यक्ति के जरिए उसे निर्देश दिए, जिससे आरोपी भड़क गया। इसी गुस्से में उसने नागमल्लैया का पीछा किया और उनके परिवार के सामने ही खौफनाक वारदात को अंजाम दे दिया।

पहले भी जेल जा चुका है आरोपी

जांच में सामने आया कि कोबोस का आपराधिक इतिहास रहा है। अमेरिकी आव्रजन विभाग ने बताया कि उसे पहले हिरासत में लिया गया था, लेकिन क्यूबा सरकार ने निर्वासन स्वीकार करने से इनकार कर दिया था। इसी कारण जनवरी 2025 में उसे रिहा करना पड़ा।

सीसीटीवी फुटेज आया सामने

इस घटना का वीडियो सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया। फुटेज में साफ दिखाई देता है कि आरोपी अचानक चाकू निकालकर नागमल्लैया पर टूट पड़ता है। यह भयावह दृश्य अब सोशल मीडिया पर भी वायरल हो चुका है।

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यह हत्या न केवल भारतीय मूल के लोगों को बल्कि पूरे अमेरिका में प्रवासी समुदाय को हिलाकर रख देने वाली साबित हुई है। अब देखना होगा कि ट्रंप (Donald Trump) के दबाव और जनाक्रोश के बीच अमेरिकी प्रशासन इस मामले में कितनी तेजी से कार्रवाई करता है।

Shweta Gupta

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