Wednesday, Sep 02

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FSSAI चीफ ने तुकाराम मुंढे के एक्शन का किया समर्थन, बोले- फूड सेफ्टी ‘सजा वाली पोस्टिंग’ नहीं

Mumbai: महाराष्ट्र के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) कमिश्नर तुकाराम मुंढे के फूड सेफ्टी नियमों के खिलाफ सख्त अभियान को देश के शीर्ष खाद्य नियामक का समर्थन मिला है। FSSAI के CEO राजित पुनहानी ने मुंढे की कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि उनका काम साबित करता है कि “अगर इच्छाशक्ति हो तो रास्ता निकाला जा सकता है।”

हजारों जांच, सैकड़ों लाइसेंस निलंबित

मुंढे के नेतृत्व में महाराष्ट्र FDA ने रेस्तरां, खाद्य कारोबार, गोदामों और अन्य प्रतिष्ठानों में बड़े पैमाने पर निरीक्षण और कार्रवाई की है। हाल के महीनों में हजारों निरीक्षण किए गए और नियमों का उल्लंघन करने वाले सैकड़ों प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित किए गए। पुनहानी ने खास तौर पर इस बात की तारीफ की कि यह अभियान बिना अतिरिक्त कर्मचारियों की भर्ती के मौजूदा टीम के साथ चलाया गया।

हर राज्य में अलग फूड सेफ्टी कमिश्नर की जरूरत

पुनहानी ने कहा कि लंबे समय तक खाद्य सुरक्षा विभाग को स्वास्थ्य व्यवस्था की तुलना में कम महत्व मिला। कई अधिकारियों के लिए फूड सेफ्टी कमिश्नर का पद ‘सजा वाली पोस्टिंग’ माना जाता था और अधिकारी इसे लेने से बचते थे। उन्होंने कहा कि ज्यादातर राज्यों में यह जिम्मेदारी अतिरिक्त प्रभार के तौर पर दी जाती है, जबकि अब हर राज्य में अलग फूड सेफ्टी कमिश्नर होना जरूरी है। मुंढे की कार्रवाई से विभाग और उसकी भूमिका को लेकर जनता में जागरूकता भी बढ़ी है।

कोर्ट की फटकार के बीच FSSAI का समर्थन

हालांकि, मुंढे की कार्रवाई को अदालतों से आलोचना भी मिली है। बॉम्बे हाई कोर्ट ने हाल ही में FDA के कुछ कदमों को “मच्छर मारने के लिए तलवार चलाने” जैसा बताया और कार्रवाई को अनुपातहीन माना। कोर्ट ने बिना उचित प्रक्रिया के प्रतिष्ठान बंद करने और लाइसेंस रद्द करने को लेकर ‘अनुचित जल्दबाजी’ पर भी सवाल उठाए।

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