होम = News Top = ट्विशा शर्मा केस: AIIMS की अहम रिपोर्ट में जिम बेल्ट पर मिले स्किन टिश्यू चोट के निशानों से मेल खाते पाए गए

ट्विशा शर्मा केस: AIIMS की अहम रिपोर्ट में जिम बेल्ट पर मिले स्किन टिश्यू चोट के निशानों से मेल खाते पाए गए

Twisha Sharma postmortem: ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में कोर्ट के आदेश पर दूसरी पोस्टमॉर्टम करने वाले AIIMS मेडिकल बोर्ड ने अपनी अंतिम फॉरेंसिक रिपोर्ट केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सीलबंद लिफाफे में सौंप दी है। 10 जुलाई को सौंपी गई यह 11 पन्नों की रिपोर्ट मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के निर्देशों के पालन में तैयार की गई है।

लिगेचर मटेरियल पर था मुख्य विवाद

मामले में सबसे बड़ा सवाल यह था कि फांसी के लिए कथित तौर पर इस्तेमाल की गई धातु की रिंग वाली जिम्नास्टिक बेल्ट ही वास्तविक लिगेचर मटेरियल थी या नहीं, और क्या वह ट्विशा शर्मा की गर्दन पर मिले चोट के निशानों से मेल खाती है।

पहली पोस्टमॉर्टम के दौरान कथित लिगेचर मटेरियल मेडिकल बोर्ड के सामने पेश नहीं किया गया था, इसलिए उस समय इस पर कोई निष्कर्ष नहीं निकाला जा सका। इसके बाद जबलपुर स्थित मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने दूसरी पोस्टमॉर्टम कराने का आदेश दिया।

वैज्ञानिक जांच में मिला अहम सुराग

प्रयोगशाला और हिस्टोपैथोलॉजिकल जांच में लिगेचर मटेरियल पर त्वचा के ऊतक (स्किन टिश्यू) मिलने की पुष्टि हुई, जिससे यह चोट के पैटर्न से मेल खाता पाया गया। हालांकि, कोर्ट के निर्देशों के अनुसार मेडिकल बोर्ड की अंतिम राय सार्वजनिक नहीं की गई है और इसे सीलबंद लिफाफे में CBI को सौंपा गया है।

22 मई को हाई कोर्ट ने रिट याचिका संख्या 19119/2026 में AIIMS नई दिल्ली को दूसरी पोस्टमॉर्टम के लिए पांच सदस्यीय फॉरेंसिक मेडिकल बोर्ड गठित करने का निर्देश दिया था। बोर्ड ने 24 मई को पोस्टमॉर्टम किया और घटनास्थल का भी निरीक्षण किया।

AIIMS ने कहा- यह पूरी तरह वैज्ञानिक और स्पष्ट राय

AIIMS के फॉरेंसिक मेडिसिन विभाग के प्रमुख डॉ. सुधीर गुप्ता ने कहा कि मेडिकल बोर्ड ने लगभग एक महीने तक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रों का अध्ययन कर हर पहलू से मामले की वैज्ञानिक जांच की। उनके अनुसार, रिपोर्ट "सत्य और न्याय के हित में CBI और न्यायपालिका के लिए पूरी तरह स्पष्ट (क्रिस्टल-क्लियर) राय" प्रस्तुत करती है।

उन्होंने रिपोर्ट की सामग्री साझा करने से इनकार करते हुए कहा कि यह हाई कोर्ट और बाद में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार सीलबंद लिफाफे में CBI को सौंप दी गई है। फॉरवर्डिंग लेटर के अनुसार, दूसरी पोस्टमॉर्टम की वीडियोग्राफी भी जांच एजेंसी के पास सुरक्षित है।

ट्विशा शर्मा, सेवानिवृत्त प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह की बहू थीं। वह इसी वर्ष भोपाल स्थित अपने ससुराल में फंदे से लटकी हुई मिली थीं।

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