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तृषा पर कथित अभद्र टिप्पणी मामले में उदयनिधि को राहत, मद्रास HC ने आज ही स्टेशन बेल पर रिहाई का दिया आदेश

by | Aug 4, 2026 | News Big

Udhayanidhi Stalin Trisha Remark Madras High Court: तमिलनाडु में विपक्ष के नेता और डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन को अभिनेत्री तृषा पर कथित अभद्र टिप्पणी के मामले में मद्रास हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने पुलिस को निर्देश दिया कि उदयनिधि को आज ही स्टेशन बेल पर रिहा किया जाए। इससे पहले उन्हें गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया था। मामले को लेकर तमिलनाडु की राजनीति में भी घमासान मचा हुआ है।

कोर्ट में सरकार ने क्या कहा?

सुनवाई के दौरान तमिलनाडु सरकार के एडवोकेट जनरल विजयनारायण ने बताया कि तंजावुर पुलिस ने उदयनिधि को गिरफ्तार कर तंजावुर ले गई है। हालांकि, बाद में उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस ने उदयनिधि की न्यायिक हिरासत नहीं मांगी थी और सिर्फ पूछताछ के लिए उन्हें अपने साथ ले गई थी।

पुलिस ने उदयनिधि के खिलाफ BNS की धारा 196, 192, 352, 79, 296(B), 61 और 351(2) के तहत केस दर्ज किया है। उदयनिधि ने कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित और दुर्भावनापूर्ण बताया। उनका कहना है कि उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है। उन्होंने कहा, "मैंने कुछ गलत नहीं किया है। क्या मैंने कुछ गलत कहा है? क्या मैंने किसी का नाम लिया?" उन्होंने मामले पर आगे टिप्पणी करने से इनकार किया।

गिरफ्तारी के विरोध में प्रदर्शन

उदयनिधि की गिरफ्तारी के विरोध में पूर्व मुख्यमंत्री ओ. पन्नीरसेल्वम की अगुवाई में थेनी में डीएमके कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। पुराने थेनी बस स्टैंड के पास प्रदर्शनकारियों ने टीवीके सरकार के खिलाफ नारे लगाए। सड़क जाम करने की कोशिश के बाद पुलिस ने पन्नीरसेल्वम समेत कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। उदयनिधि को ले जाते समय पुलिस कार्रवाई को उन्होंने बदले की कार्रवाई बताया था।

टीवीके ने मांगी माफी, डीएमके ने किया बचाव

सत्तारूढ़ टीवीके ने उदयनिधि के बयान की आलोचना करते हुए माफी की मांग की। टीवीके नेता अधव अर्जुन ने उन पर अश्लील और द्विअर्थी भाषा का इस्तेमाल कर महिला का अपमान करने और राजनीति का स्तर गिराने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ऐसे बयान महिलाओं के प्रति उनकी सोच को दिखाते हैं। टीवीके प्रवक्ता फेलिक्स जेराल्ड ने भी सोशल मीडिया पर सवाल किया कि क्या उदयनिधि अपनी बेटी या बेटे को लेकर भी ऐसी टिप्पणी करेंगे?

वहीं, डीएमके ने उदयनिधि का बचाव किया। पूर्व नेता टी. मनो थंगाराज ने मामले को राजनीति से प्रेरित बताया और कहा कि कावेरी जल विवाद व किसानों के मुद्दे से ध्यान भटकाने के लिए ऐसा किया जा रहा है।

डीएमके नेता कनिमोझी ने सरकार की कार्रवाई को "कायरता" बताते हुए कहा कि अगर उदयनिधि ने निजी तौर पर बदला लिया है तो मामला दर्ज किया जाए और अदालत को फैसला करने दिया जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि विधानसभा सत्र में विपक्ष के नेता को शामिल होने से रोकने के लिए गिरफ्तारी की गई, जो दमनकारी और गैरकानूनी है।

क्या है पूरा मामला?

कावेरी जल विवाद को लेकर हुए प्रदर्शन में उदयनिधि भीड़ को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने मुख्यमंत्री विजय पर निशाना साधते हुए कावेरी जल के उचित प्रबंधन को लेकर सरकार की आलोचना की। इसी दौरान भीड़ ने कथित तौर पर 'तृषा-तृषा' के नारे लगाए। आरोप है कि उदयनिधि ने पूछा कि लोग तृषा के नारे क्यों लगा रहे हैं और इसके बाद कथित तौर पर द्विअर्थी टिप्पणी के साथ अभद्र इशारा किया। इसी बयान को लेकर विवाद शुरू हुआ और पुलिस ने उनके खिलाफ मामला दर्ज किया।

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