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‘जेल के ताले टूटेंगे…’ JNU में उमर खालिद की रिहाई के लगे नारे, कार्यक्रम में बढ़ा तनाव

by | Aug 10, 2026 | Cover Story Featured

Umar Khalid JNU Controversy: जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) सोमवार को एक बार फिर विवाद को लेकर चर्चा में आ गया। यहां जेएनयू छात्र संघ (JNUSU) की ओर से उमर खालिद की किताब 'Fractured Communities' पर चर्चा के लिए कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम के दौरान उमर खालिद की रिहाई के समर्थन में नारे लगाए जाने की बात सामने आई, जिसके बाद परिसर का माहौल तनावपूर्ण हो गया।

किताब पर चर्चा के लिए आयोजित हुआ था कार्यक्रम

JNUSU ने उमर खालिद की किताब पर चर्चा के लिए कार्यक्रम का आयोजन किया था। छात्र संघ के मुताबिक, JNU प्रशासन ने कार्यक्रम के लिए निर्धारित ऑडिटोरियम की अनुमति आखिरी समय में रद्द कर दी थी। इसके बाद कार्यक्रम को लेकर विवाद की स्थिति बन गई। कार्यक्रम के दौरान उमर खालिद की रिहाई के समर्थन में 'जेल के ताले टूटेंगे…' जैसे नारे लगाए जाने की बात सामने आई। इस घटनाक्रम के बाद विश्वविद्यालय परिसर में तनाव बढ़ने की चर्चा है।

JNUSU ने प्रशासन पर लगाए आरोप

घटना के बाद JNUSU ने एक बयान जारी कर JNU प्रशासन पर कार्यक्रम की अनुमति आखिरी समय में रद्द करने का आरोप लगाया। छात्र संघ ने इस फैसले को लेकर सवाल उठाए और कार्यक्रम में सामने आई स्थिति पर अपना पक्ष रखा। JNUSU ने कहा कि वह विश्वविद्यालय में बहस और चर्चा की संस्कृति को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। छात्र संघ ने उमर खालिद सहित उन लोगों के समर्थन की बात भी कही, जिनके मुद्दों पर वह चर्चा और बहस को जरूरी मानता है।

ABVP पर भी लगाया कार्यक्रम बाधित करने का आरोप

JNUSU ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) पर भी कार्यक्रम में बाधा डालने का आरोप लगाया। छात्र संघ का दावा है कि ABVP समर्थकों ने स्पीकर से माइक्रोफोन छीनने की कोशिश की और पैनलिस्टों को भी बाधित किया। इन आरोपों के बाद कार्यक्रम को लेकर विवाद और बढ़ गया। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में ABVP की ओर से इन आरोपों पर कोई अलग पक्ष शामिल नहीं है।

बहस और चर्चा की संस्कृति पर जोर

JNUSU ने अपने बयान में कहा कि वह JNU में बहस और चर्चा की संस्कृति को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। छात्र संघ का कहना है कि विश्वविद्यालय में अलग-अलग मुद्दों पर विचार और संवाद की जगह बनी रहनी चाहिए। उमर खालिद की किताब पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान सामने आए घटनाक्रम ने एक बार फिर JNU में छात्र संगठनों के बीच विवाद और विचारों को लेकर बहस को चर्चा में ला दिया है।

उमर खालिद की किताब पर चर्चा के लिए आयोजित कार्यक्रम के दौरान रिहाई के समर्थन में नारे लगाए जाने और कथित तौर पर कार्यक्रम में बाधा डालने को लेकर विवाद सामने आया है। JNUSU ने JNU प्रशासन और ABVP पर आरोप लगाए हैं। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, विवाद को लेकर छात्र संघ ने अपना पक्ष सार्वजनिक किया है।

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