होम = Breaking = 69,000 शिक्षक भर्ती: SC में UP सरकार का हलफनामा, मौजूदा शिक्षकों की नौकरी सुरक्षित रहेगी

69,000 शिक्षक भर्ती: SC में UP सरकार का हलफनामा, मौजूदा शिक्षकों की नौकरी सुरक्षित रहेगी

UP 69000 Assistant Teacher Recruitment Case: उत्तर प्रदेश सरकार ने 69 हजार सहायक शिक्षक भर्ती मामले में सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर कहा है कि वर्ष 2020 में नियुक्त 67,867 शिक्षकों की नौकरी पर कोई असर नहीं पड़ेगा। सरकार ने स्पष्ट किया कि हाईकोर्ट के निर्देश पर तैयार संशोधित मेरिट सूची में यदि नए अभ्यर्थी पात्र पाए जाते हैं, तो उन्हें उपलब्ध रिक्त पदों पर नियुक्ति दी जाएगी। सरकार ने यह भी कहा कि यह व्यवस्था केवल इसी भर्ती प्रक्रिया तक सीमित रहेगी और भविष्य की भर्तियों के लिए मिसाल नहीं बनेगी।

क्या है मामला?

1 दिसंबर 2018 को यूपी सरकार ने 69 हजार सहायक शिक्षकों की भर्ती का शासनादेश जारी किया। 6 जनवरी 2019 को ATRE-2019 परीक्षा हुई और अगले दिन सामान्य वर्ग के लिए 65% तथा आरक्षित वर्ग के लिए 60% कट-ऑफ तय किया गया। 18 नवंबर 2020 को सुप्रीम कोर्ट ने इस कट-ऑफ को सही ठहराया। इससे पहले 1 जून 2020 को 67,867 अभ्यर्थियों की नियुक्ति की गई थी, जबकि ST वर्ग के 1,133 पद योग्य उम्मीदवार न मिलने से खाली रह गए।

विवाद और अदालत के फैसले

विवाद आरक्षित वर्ग के मेधावी अभ्यर्थियों (MRC) के अनारक्षित श्रेणी में समायोजन और 5% अंक छूट पाने वाले अभ्यर्थियों के जनरल श्रेणी में माइग्रेशन को लेकर था। 5 जनवरी 2022 को जारी 6,800 अतिरिक्त अभ्यर्थियों की सूची पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी थी। 13 मार्च 2023 को सिंगल बेंच ने पहली चयन सूची में संशोधन और दूसरी सूची रद्द करने का आदेश दिया। इसके बाद 13 अगस्त 2024 को डिवीजन बेंच ने पूरा आदेश पलटते हुए 69 हजार भर्ती की नई मेरिट सूची तैयार करने का निर्देश दिया।

अब सुप्रीम कोर्ट में क्या हुआ?

हाईकोर्ट के आदेश पर 9 सितंबर 2024 को सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम रोक लगा दी थी। इसके बाद राज्य सरकार ने संशोधित मेरिट सूची तैयार कर सुप्रीम कोर्ट में प्रस्ताव रखा कि नए पात्र अभ्यर्थियों को रिक्त पदों पर समायोजित किया जाए, जबकि कार्यरत 67,867 शिक्षकों की नौकरी पूरी तरह सुरक्षित रहे। सरकार ने अंतिम फैसले का पालन करने का भरोसा भी दिया।

ये भी पढ़े: ‘स्ट्रेस होता है तो कपड़े उतार देता हूं’, टोक्यो में नग्न घूमने वाले शख्स का अजीब दावा

Tags :