UPI Payment Charges: यूपीआई से पेमेंट करते हैं तो यह खबर आपके लिए है। अब 2,000 रुपये से ज्यादा का UPI पेमेंट करना महंगा पड़ सकता है। सरकार बड़े डिजिटल ट्रांजैक्शन पर चार्ज लगाने की तैयारी में है। हालांकि, दोस्तों या परिवार को पैसे भेजने वालों को फिलहाल चिंता करने की जरूरत नहीं है।
MDR पर रोक हटाने का है प्रस्ताव
इस बदलाव की दिशा में सरकार ने पहला कदम बढ़ा दिया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को टैक्सेशन एंड अदर लॉज (अमेंडमेंट) बिल पेश किया, जिसमें बैंकों और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स को अधिसूचित इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट माध्यमों पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) वसूलने से जुड़ी मौजूदा रोक हटाने का प्रस्ताव है। हालांकि, सरकार ने अभी यह साफ नहीं किया है कि नया नियम कब से लागू होगा। अधिकारियों के मुताबिक, फिलहाल प्रस्ताव पर काम जारी है और इसे लागू करने की तारीख को लेकर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है।
बड़े ट्रांजैक्शन होंगे दायरे में
सरकार के अनुमान के अनुसार, 2,000 रुपये से अधिक के UPI ट्रांजैक्शन संख्या में सिर्फ 5% हैं, लेकिन कुल लेनदेन की वैल्यू का करीब 65% इन्हीं से आता है। इसलिए प्रस्तावित MDR का असर मुख्य रूप से बड़े मर्चेंट पेमेंट पर पड़ेगा। दूध, सब्जी, किराना, ऑटो या टैक्सी जैसे रोजमर्रा के छोटे UPI भुगतान पहले की तरह प्रभावित नहीं होंगे। जुलाई में UPI के जरिए 23.7 अरब ट्रांजैक्शन हुए, जिनकी कुल वैल्यू 29.9 लाख करोड़ रुपये दर्ज की गई।

