US court declared 50% tariff on India illegal, Trump also retaliated on the decision
Tariff on India : अमेरिका की एक विभाजित अपील अदालत ने शुक्रवार को फैसला सुनाया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा कई देशों पर लगाए गए अधिकांश टैरिफ अवैध हैं। हालांकि,संघीय सर्किट के लिए अमेरिकी अपील न्यायालय ने टैरिफ को 14 अक्टूबर तक लागू रहने की अनुमति दे दी, ताकि ट्रम्प प्रशासन को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर करने का मौका मिल सके।
वहीं डोनाल्ड ट्रम्प ने आदलत के फैसले पर कहा कि सभी देशों पर लगाए गए सभी टैरिफ प्रभावी रहेंगे. अमेरिकी राष्ट्रपति ने आदालत के फैसले को पक्षपातपूर्ण कहते हुए गलत बताया। इससे पहले अमेरिकी संघीय सर्किट अपील न्यायालय ने अंतर्राष्ट्रीय व्यापार न्यायालय के पहले के फैसले को बरकरार रखा है जिसमें कहा गया था कि ट्रंप ने टैरिफ लगाने के लिए आपातकालीन कानून का गलत इस्तेमाल किया था। लेकिन अपीलीय न्यायाधीशों ने मामले को निचली अदालत को वापस भेज दिया ताकि यह तय किया जा सके कि यह टैरिफ से प्रभावित सभी लोगों पर लागू होता है या सिर्फ़ मामले से जुड़े पक्षों पर। शुक्रवार को संघीय सर्किट द्वारा 7-4 के बहुमत से दिए गए फैसले से इस बात पर संशय बढ़ सकता है कि ट्रंप के टैरिफ अंततः लागू होंगे या नहीं।
अमेरिकी अपीलीय न्यायालय ने फैसला सुनाया है कि डोनाल्ड ट्रंप को 1970 के दशक के अंतर्राष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्ति अधिनियम (IEEPA) नामक कानून का हवाला देकर टैरिफ लगाने का अधिकार नहीं है। हालाँकि टैरिफ को अवैध घोषित कर दिया गया है, लेकिन अदालत का यह फैसला 14 अक्टूबर तक लागू नहीं होगा। इससे ट्रंप प्रशासन को इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने का समय मिल जाएगा।
इस फैसले से ट्रंप के टैरिफ की अवधि पर अनिश्चितता ज़रूर पैदा होती है। 2 अप्रैल को, जिसे ट्रंप ने मुक्ति दिवस कहा था,अमेरिका ने दुनिया के हर देश पर 10% का आधारभूत टैरिफ लगाया। जिन देशों के साथ अमेरिका का व्यापार घाटा है, उन पर अतिरिक्त टैरिफ लगाए गए। यह स्पष्ट नहीं है कि अदालत के इस फैसले का भारत जैसे देशों के साथ अमेरिका की चल रही व्यापार वार्ता पर क्या असर पड़ेगा । नई दिल्ली ट्रंप द्वारा लगाए गए 50 प्रतिशत टैरिफ से जूझ रही है, जिसमें रूसी ऊर्जा खरीदने पर 25% का जुर्माना भी शामिल है।
ट्रंप ने इस फ़ैसले पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए अपने ट्रुथ सोशल प्लेटफ़ॉर्म पर कहा कि अपील अदालत ने गलत कहा है कि हमारे टैरिफ़ हटा दिए जाने चाहिए, लेकिन वे जानते हैं कि अंत में संयुक्त राज्य अमेरिका ही जीतेगा। उन्होंने आगे कहा कि वह संयुक्त राज्य अमेरिका के सर्वोच्च न्यायालय की मदद से इसका विरोध करेंगे।
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अब यह मामला अंतिम फैसले के लिए सुप्रीम कोर्ट जाएगा । प्रशासन अब न्यायाधीशों की ओर रुख कर सकता है, जिन्होंने अन्य मामलों में राष्ट्रपति का काफी हद तक समर्थन किया है। लेकिन व्हाइट हाउस पहले अंतर्राष्ट्रीय व्यापार न्यायालय को इस मामले पर पुनर्विचार करने की अनुमति भी दे सकता है। यह फैसला ट्रंप की दशकों पुरानी अमेरिकी व्यापार नीति को पूरी तरह से अपने दम पर उलटने की महत्वाकांक्षाओं को और जटिल बना देता है। ट्रंप के पास आयात कर लगाने के लिए वैकल्पिक कानून हैं, लेकिन ये उनकी कार्रवाई की गति और गंभीरता को सीमित कर देंगे।
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