US Iran Strikes: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच अमेरिका ने ईरान पर लगातार 13वीं रात सैन्य कार्रवाई की है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने पुष्टि की कि उसके बलों ने क्षेत्र में नए हमले किए हैं। वहीं, ईरानी सरकारी मीडिया ने बंदर अब्बास के पश्चिमी इलाके में कई तेज धमाकों की सूचना दी है। हालांकि, इन धमाकों से हुए नुकसान और संभावित हताहतों को लेकर अभी तक आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। लगातार हो रही सैन्य कार्रवाई ने पूरे क्षेत्र में सुरक्षा और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार भी इस तनाव का असर महसूस कर रहे हैं।
क्या है अमेरिकी कार्रवाई का उद्देश्य
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, ताजा सैन्य अभियान का उद्देश्य क्षेत्रीय समुद्री मार्गों से गुजरने वाले अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों और सहयोगी देशों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। अमेरिका का कहना है कि समुद्री मार्गों पर बढ़ते सुरक्षा जोखिमों को देखते हुए यह कार्रवाई की जा रही है। हालांकि, ईरान की ओर से इन हमलों पर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।
बंदर अब्बास क्यों है महत्वपूर्ण
बंदर अब्बास ईरान का सबसे महत्वपूर्ण समुद्री बंदरगाह माना जाता है। यह हॉर्मुज जलडमरूमध्य के निकट स्थित है, जहां से दुनिया के बड़े हिस्से का कच्चा तेल समुद्री मार्ग से गुजरता है। यदि इस क्षेत्र में तनाव और बढ़ता है, तो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। यही वजह है कि इस इलाके में होने वाली हर सैन्य गतिविधि पर पूरी दुनिया की नजर रहती है।
कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल
ईरान में बढ़ते सैन्य तनाव का असर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार पर भी दिखाई दिया। निवेशकों की चिंता के चलते ब्रेंट क्रूड की कीमत में 6 प्रतिशत से अधिक की तेजी दर्ज की गई और यह करीब 100 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि संघर्ष लंबा खिंचता है या समुद्री व्यापार प्रभावित होता है, तो ऊर्जा बाजार में और अधिक अस्थिरता देखने को मिल सकती है।
दुनिया की बढ़ी चिंता
मध्य पूर्व पहले से ही कई भू-राजनीतिक चुनौतियों का सामना कर रहा है। ऐसे में अमेरिका और ईरान के बीच लगातार बढ़ते सैन्य तनाव ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता बढ़ा दी है। कई देशों की नजर अब इस बात पर है कि आने वाले दिनों में दोनों पक्ष तनाव कम करने की दिशा में कदम उठाते हैं या स्थिति और गंभीर होती है।
अमेरिका की ओर से लगातार 13वीं रात की गई सैन्य कार्रवाई और बंदर अब्बास के पास हुए धमाकों ने पश्चिम एशिया में तनाव को और बढ़ा दिया है। इसका असर केवल क्षेत्रीय सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि वैश्विक तेल बाजार और ऊर्जा आपूर्ति पर भी दिखाई देने लगा है। अब दुनिया की निगाहें दोनों देशों की अगली रणनीति और अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक प्रयासों पर टिकी हैं।
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