Leopard Terror: उत्तर प्रदेश के गांवों में इन दिनों जंगल से निकलकर आ रहा खौफ लोगों की नींद उड़ा रहा है। मुरादाबाद और बिजनौर के 500 से ज्यादा गांव तेंदुए के आतंक के चलते हाई अलर्ट पर हैं। उधर, बहराइच के कतर्नियाघाट इलाके में तेंदुए के दो हमलों से जंगल किनारे बसे गांवों में दहशत और बढ़ गई है। हालात ये हैं कि शाम ढलते ही ग्रामीण घरों में कैद होने को मजबूर हैं।
15 गांवों में बढ़ाई गई निगरानी
कतर्नियाघाट वाइल्डलाइफ़ डिवीज़न के फील्ड डायरेक्टर एच. राजा मोहन ने बताया कि प्रभावित इलाकों में वन विभाग की टीमें कैंप कर रही हैं और लगातार निगरानी रख रही हैं। करीब 15 गांवों के लोगों को खेतों या जंगल की ओर जाते समय सतर्क रहने की सलाह दी गई है। प्रभावित इलाकों में वन विभाग की निगरानी बढ़ाई गई है, जबकि ग्रामीणों के लिए तेंदुए से बचाव के जरूरी सुरक्षा उपाय अब सबसे अहम हो गए हैं।
500 गांवों में तेंदुए की दहशत
मुरादाबाद और बिजनौर में तेंदुए का आतंक जारी है। वन विभाग के मुताबिक, पिछले 8 महीनों में बिजनौर में 50 तेंदुए पकड़े गए हैं। पिछले दो हफ्तों में हमलों में 2 लोगों की मौत और करीब एक दर्जन लोग घायल हुए हैं। इस हफ्ते मुरादाबाद में भी दो तेंदुए पकड़े गए। अधिकारी तेंदुओं की बढ़ती गतिविधि को कम बारिश और गन्ने के खेतों में ग्रामीणों की आवाजाही से जोड़ रहे हैं। मुरादाबाद-बिजनौर में तेंदुओं की बढ़ती गतिविधि के पीछे कम बारिश और गन्ने के खेतों में आवाजाही को वजह माना जा रहा है, जबकि उत्तराखंड सीमा से लगे गांवों में बढ़ते खतरे का असर ग्रामीणों की सुरक्षा पर साफ दिख रहा है।

