होम = News Latest = क्या है ‘वंदे मातरम् बिल’ राष्ट्रवाद की पिच पर लौटी मोदी सरकार, NEET विवाद से कितनी राहत

क्या है ‘वंदे मातरम् बिल’ राष्ट्रवाद की पिच पर लौटी मोदी सरकार, NEET विवाद से कितनी राहत

by | Jul 24, 2026 | News Latest

Vande Mataram Bill: संसद के मानसून सत्र की शुरुआत के साथ ही केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव तेज हो गया है। एक तरफ विपक्ष NEET पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार पर हमलावर है, वहीं दूसरी ओर सरकार 'राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक' के जरिए राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम्' को लेकर नए प्रावधान लाने की तैयारी में है। इस प्रस्तावित बदलाव को लेकर राजनीतिक बहस शुरू हो गई है। जहां सरकार इसे राष्ट्रीय सम्मान से जुड़ा कदम बता रही है, वहीं विपक्ष इसे जनता से जुड़े मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश बता रहा है।

क्या है 'वंदे मातरम् बिल'

प्रस्तावित संशोधन का उद्देश्य राष्ट्रीय सम्मान से जुड़े कानून में बदलाव करना बताया जा रहा है। इसके तहत राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम्' को भी कानूनी संरक्षण देने की बात कही जा रही है। मौजूदा कानून मुख्य रूप से राष्ट्रीय ध्वज और राष्ट्रगान के अपमान से जुड़े मामलों को कवर करता है। प्रस्तावित बदलावों के बाद राष्ट्रगीत के सम्मान को भी इसमें शामिल करने की तैयारी बताई जा रही है। रिपोर्टों के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर राष्ट्रगीत के गायन में बाधा डालता है या उसके अपमान का दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई का प्रावधान किया जा सकता है।

वंदे मातरम् का ऐतिहासिक महत्व

'वंदे मातरम्' भारत के स्वतंत्रता आंदोलन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। इसे बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने लिखा था और बाद में यह आजादी की लड़ाई के दौरान लोगों को प्रेरित करने वाला गीत बना। हालांकि, इसे लेकर राजनीतिक और सामाजिक बहस भी लंबे समय से चली आ रही है। वर्ष 1937 में कांग्रेस ने इसके शुरुआती दो अंतरों को सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए स्वीकार किया था, क्योंकि आगे के हिस्सों को लेकर कुछ समुदायों ने आपत्ति जताई थी।

मोदी सरकार और 'वंदे मातरम्' का मुद्दा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की राजनीति में 'वंदे मातरम्' का विशेष स्थान रहा है। चुनावी रैलियों से लेकर सार्वजनिक कार्यक्रमों तक प्रधानमंत्री कई बार इसका उल्लेख कर चुके हैं। सरकार समर्थक इसे राष्ट्रीय भावना और सम्मान से जोड़कर देख रहे हैं। उनका कहना है कि देश के प्रतीकों के प्रति सम्मान बनाए रखना जरूरी है।

NEET विवाद के बीच क्यों चर्चा में आया बिल

संसद का मानसून सत्र शुरू होते ही NEET पेपर लीक मामले को लेकर विपक्ष ने सरकार पर हमला तेज कर दिया। विपक्ष शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहा है और परीक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर सरकार से जवाब मांग रहा है। ऐसे समय में 'वंदे मातरम् बिल' की चर्चा ने राजनीतिक बहस को नया मुद्दा दे दिया है। विपक्षी दलों का आरोप है कि सरकार बेरोजगारी, महंगाई और परीक्षा घोटालों जैसे मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए राष्ट्रवाद से जुड़े विषयों को आगे ला रही है। वहीं सरकार का पक्ष है कि राष्ट्रीय सम्मान से जुड़े कानूनों को मजबूत करना जरूरी है और यह किसी अन्य मुद्दे से ध्यान भटकाने का प्रयास नहीं है।

'वंदे मातरम् बिल' आने वाले दिनों में संसद और राजनीति में बड़ी बहस का विषय बन सकता है। एक ओर सरकार इसे राष्ट्रीय सम्मान और देश की भावनाओं से जुड़ा कदम बता रही है, वहीं विपक्ष इसे मौजूदा जनहित के मुद्दों से ध्यान भटकाने वाला बता रहा है। अब नजर इस बात पर होगी कि यह विधेयक संसद में किस तरह आगे बढ़ता है और इस पर राजनीतिक सहमति बनती है या नहीं।

ये भी पढ़ें: https://newsindia24x7.tv/lakshya-raichandani-india-u19-cricketer-gonda-success-story/