Weak Monsoon India: देश के कई हिस्सों में पिछले कुछ दिनों से बारिश अचानक कम हो गई है। 11 जुलाई की सैटेलाइट तस्वीरों में भारत के लगभग 70-80% हिस्से पर बारिश वाले बादल नहीं दिखे, जबकि 9 जुलाई तक दक्षिण-पश्चिम मॉनसून पूरे देश में पहुंच चुका था। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इसका कारण भारत से हजारों किलोमीटर दूर पश्चिमी प्रशांत महासागर में बना एक शक्तिशाली चक्रवात है, जिसने मॉनसून को अस्थायी रूप से कमजोर कर दिया है।
क्या है बारिश कम होने की वजह?
दक्षिण-पश्चिम मॉनसून हिंद महासागर से आने वाली नमी वाली हवाओं पर निर्भर करता है। फिलहाल पश्चिमी प्रशांत महासागर में बने चक्रवात ने नमी और हवाओं के प्रवाह को अपनी ओर खींच लिया है। इससे मॉनसून ट्रफ कमजोर हो गई और देश के कई हिस्सों में बारिश घट गई। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक मध्य और दक्षिण भारत के कई इलाकों में कम बारिश की संभावना जताई है।
इस साल अब तक कैसा रहा मॉनसून?
इस वर्ष मॉनसून 9 जुलाई को पूरे देश में पहुंचा, जो सामान्य से केवल एक दिन देर से था। शुरुआत में जून के अंत तक करीब 40% कम बारिश दर्ज हुई। हालांकि जून के आखिरी सप्ताह और जुलाई के पहले सप्ताह में अच्छी बारिश के बाद यह कमी घटकर करीब 14% रह गई। पश्चिम और पूर्वी भारत में अच्छी बारिश हुई, जबकि मध्य भारत के कई राज्यों में अब भी सामान्य से कम वर्षा दर्ज की जा रही है।
आगे क्या कहता है मौसम विभाग?
मौसम विभाग का कहना है कि मॉनसून समाप्त नहीं हुआ है, बल्कि फिलहाल कमजोर चरण में है। जुलाई के बाकी दिनों में भी कई क्षेत्रों में सामान्य से कम बारिश हो सकती है। वैज्ञानिक अल-नीनो की स्थिति पर भी नजर बनाए हुए हैं। उनका कहना है कि जैसे ही पश्चिमी प्रशांत महासागर के सिस्टम का असर कम होगा, मॉनसून दोबारा सक्रिय होकर देश के कई हिस्सों में बारिश बढ़ा सकता है।
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