Why People Get Defensive: आज की तनावपूर्ण जिंदगी में कई लोगों के लिए हर समय सतर्क या रक्षात्मक रहना सामान्य प्रतिक्रिया बन गया है। हालांकि, कुछ लोग दूसरों की तुलना में जल्दी डिफेंसिव हो जाते हैं। फ्लोरिडा के थेरेपिस्ट जेफरी मेल्टजर ने 29 जुलाई को इंस्टाग्राम पर बताया कि इसके पीछे मुख्य रूप से दो वजहें हो सकती हैं।
1. ईगो खुद को बचाने लगता है
जेफरी के मुताबिक, जब कोई हमारी आलोचना करता है तो दिमाग उसे हमारी पहचान या आत्म-छवि के लिए खतरे के तौर पर ले सकता है। इससे शर्मिंदगी या खुद को लेकर असमंजस पैदा हो सकता है। इन भावनाओं से तुरंत बचने के लिए व्यक्ति बहस करने, सफाई देने या सामने वाले की गलतियां गिनाने लगता है। ऐसे में प्रतिक्रिया हो सकती है- ‘तुम भी तो ऐसा ही करते हो’ या ‘तुम मुझे गलत समझ रहे हो।’ यानी व्यक्ति पहले खुद का बचाव करता है और बाद में सोचता है कि आलोचना में कितनी सच्चाई थी।
2. प्रतिक्रिया सोचने से पहले आ जाती है
कुछ लोग आलोचना को पूरी तरह समझने से पहले ही प्रतिक्रिया दे देते हैं। इससे सामने वाले को लग सकता है कि कोई बात उठाते ही बहस या हमला शुरू हो जाएगा।
डिफेंसिव होने से कैसे बचें?
जेफरी ने इसके लिए दो कदम सुझाए हैं। पहला, आलोचना से होने वाली असहजता को तुरंत खत्म करने के बजाय उसे महसूस करने की क्षमता विकसित करें। हर आलोचना सही नहीं होती, लेकिन उसका सही मूल्यांकन तभी संभव है जब आप तुरंत उसका विरोध न कर रहे हों।
दूसरा, जवाब देने से पहले थोड़ा रुकें। जैसे कहें, ‘मैं इस बारे में सोचता हूं’ या पूछें, ‘क्या आप कोई उदाहरण दे सकते हैं?’ यह छोटा-सा विराम आपको तय करने का समय देता है कि सामने वाले की बात में कितनी सच्चाई है। थेरेपिस्ट के मुताबिक, लक्ष्य हर आलोचना से सहमत होना नहीं, बल्कि इतना आत्मविश्वासी बनना है कि बिना तुरंत खुद का बचाव किए दूसरों की बात सुनी जा सके। प्रतिक्रिया देने से पहले जितना रुकेंगे, लोगों के लिए ईमानदारी से बात करना उतना आसान होगा।
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