International Women's Day 2026: न्यूज़ इंडिया के मंच पर आज एक बेहद खास मेहमान आई हैं। महिलाओं के सम्मान की बात को उठाने के लिए नेशनल वुमेन कमीशन की अध्यक्ष, हमारे साथ मौजूद हैं, विजया किशोर राहटकर जी है। न्यूज़ इंडिया की एंकर सुरभि तिवारी ने विजय जी से बातचीत की है। यहां देखें पूरा इंटरव्यू…
वहीं एंकर सुरभि तिवारी ने कहा बहुत स्वागत है आपका न्यूज़ इंडिया पर। इस पर विजय राहटकर ने कहा बहुत-बहुत धन्यवाद आपका। न्यूज़ इंडिया के दर्शकों को भी मेरा बहुत-बहुत नमस्कार। आपके साथ मैं हूं सुरभि तिवारी और आप देख रहे हैं न्यूज़ इंडिया। जब भी 8 मार्च का दिन आता है, तो हम सेलिब्रेट करते हैं अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के दिन अक्सर सुना जाता है कि दुनिया भर में महिलाओं की सुरक्षा, महिलाओं के सम्मान और महिलाओं के अधिकार के बारे में बातचीत होती है।
लेकिन आज हम बात सिर्फ भारत की स्थिति को लेकर करेंगे। इस बातचीत के दौरान हम यह जानने की कोशिश करेंगे कि क्या महिलाओं का सम्मान वाकई भारत में है? क्या महिलाओं को वह अधिकार पर्याप्त रूप से मिल पा रहे हैं जो उनके लिए संविधान में तय किए गए हैं? महिलाओं की सुरक्षा को लेकर हर बार सवाल उठते रहते हैं।
एंकर सुरभि तिवारी ने कहा मैम, पहला सवाल यही रहेगा कि जब हम महिला सम्मान की बात करते हैं, एनसीआरबी के डेटा पर हम फोकस करते हैं। हमने 2022 की रिपोर्ट पढ़ी और देखा कि रेप के मामलों में अभी भी लगातार बढ़ोतरी हो रही है। महिलाओं की सुरक्षा की बात हर कोई करता है, लेकिन क्या महिलाएं आज भी देश में सुरक्षित महसूस कर पा रही हैं? महिला आयोग इन मामलों पर कैसे काम कर रहा है?
वहीं विजया राहटकर ने कहा जब भी कोई महिला के साथ रेप होता है, यह कभी भी स्वीकार्य नहीं है। राष्ट्रीय महिला आयोग घोर निंदा करता है। ऐसे विषयों पर, जैसे कि रेप और जेंडर डिस्क्रिमिनेशन, राष्ट्रीय महिला आयोग लगातार प्रयास करता है कि ये घटित न हों। मैं आपको यह जरूर कहूँगी कि भारत में महिलाएं बहुत सुरक्षित हैं।
कोई भी समाज में कुछ विकृत व्यक्ति हो सकता है, लेकिन इससे समाज के बाकी लोगों को आंकना सही नहीं है। जहां रेप के मामले बढ़ रहे हैं, वहां चिंता की जरूरत है। राष्ट्रीय महिला आयोग इस दिशा में सख्त कदम उठाता है और घटनाओं का संज्ञान लेता है।
सुरभि तिवारी ने कहा अच्छा, तो ये बताएँ कि जो कानून हैं, जैसे कि पॉक्सो एक्ट, उनका प्रभावी अमल कैसे होता है? तो वहीं विजय किशोर राहटकर ने कहा पॉक्सो एक्ट महिलाओं की सुरक्षा के लिए एक मजबूत छाता है। हमारे देश में अच्छे कानून हैं और उनका प्रभावी अमल सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रीय महिला आयोग लगातार काम करता है। हालांकि, कुछ मामलों में केस लंबे समय तक कोर्ट में पेंडिंग रहते हैं या ग्रामीण इलाकों और गरीब परिवारों की महिलाएं केस दर्ज नहीं कर पातीं।
इसके बाद एंकर ने कहा तो ऐसे में आयोग पीड़िताओं को कैसे मदद करता है? आगे विजया किशोर राहटकर ने कहा महिला आयोग लोगों को समझाइश देता है और उन्हें भरोसा दिलाता है कि वे पूरी तरह सुरक्षित हैं। उनकी पहचान गोपनीय रखी जाती है। हम सेमिनार्स और वर्कशॉप्स आयोजित करते हैं, जहां कानून और उनके अधिकारों के बारे में जानकारी दी जाती है।
अगर कोई महिला अकेली है और अपने केस के लिए साधन नहीं रखती, तो भारत सरकार ने फ्री लीगल एड की व्यवस्था की है, जैसे कि राष्ट्रीय विधि सेवा प्राधिकरण के माध्यम से।
इसके अलावा, हर जिले में वन स्टॉप सेंटर हैं, जहां डोमेस्टिक वायलेंस के पीड़िताओं को तुरंत पुलिस, मेडिकल सहायता और कानूनी सलाह मिलती है। अब जरूरत है कि इस व्यवस्था का प्रचार-प्रसार अधिक से अधिक हो ताकि लोग इसके बारे में जागरूक हों। सुरभि तिवारी ने कहा धन्यवाद मैम। यह जानकारी बेहद महत्वपूर्ण है और आशा है कि इससे समाज में जागरूकता बढ़ेगी।
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