Saturday, Sep 05

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टेरर फंडिंग मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे मलिक ने मांगी फांसी; जानिए हलफनामे में और कौन सी मांग शामिल

Yasin Malik News:दिल्ली की तिहाड़ जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे JKLF चेयरमैन यासीन मलिक को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मलिक ने जम्मू की TADA कोर्ट में 25 पन्नों का हलफनामा दाखिल किया है। इसमें उसने पाकिस्तानी पत्नी मुशाल हुसैन मलिक से तलाक की इच्छा जताने के साथ सरला भट्ट हत्याकांड में मुकदमा लड़े बिना अपने लिए फांसी की मांग भी की है।

मलिक ने 25 पन्नों का हलफनामा दाखिल किया

मलिक ने इस मामले की सुनवाई के दौरान जम्मू की स्पेशल TADA/POTA कोर्ट में 25 पन्नों का व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने का अनुरोध किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, हलफनामे में उसने अपनी मां, पत्नी और 13 साल की बेटी रजिया सुल्ताना का जिक्र किया है। मलिक ने परिवार से लंबे समय से दूर रहने और इसके चलते बनी परिस्थितियों के बारे में भी अपनी बात रखी है।

मलिक ने पत्नी-बेटी से लंबे अलगाव का किया जिक्र

रिपोर्ट के मुताबिक, यासीन मलिक ने हलफनामे में बताया कि उसने पिछले आठ वर्षों से अपनी पत्नी की आवाज तक नहीं सुनी है। उसने कहा कि जेल में रहने के दौरान पत्नी और बेटी से बातचीत की सुविधा सीमित और अनिश्चित रही। मलिक ने मुशाल से कहा कि वह बाकी जिंदगी उसका इंतजार करते हुए न बिताएं और अपनी जिंदगी में नया अध्याय शुरू करें। उसने साफ किया कि यह फैसला किसी नाराजगी या दुश्मनी की वजह से नहीं है और वह अब भी अपनी पत्नी का सम्मान करता है। हलफनामे में मलिक ने बेटी रजिया के बचपन से दूर रहने का भी जिक्र किया और उससे अपनी दादी के करीब रहने की अपील की। उसने कहा कि यह हलफनामा सहानुभूति पाने के लिए नहीं, बल्कि परिवार के लिए अपने मन की बात रखने के लिए है।

टेरर फंडिंग मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा है

यासीन मलिक को 2022 में दिल्ली की विशेष NIA कोर्ट ने आतंकी फंडिंग मामले में दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। वह फिलहाल तिहाड़ जेल में बंद है। मलिक और उसके संगठन JKLF पर जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद और हिंसा से जुड़े कई मामले दर्ज रहे हैं। उग्रवाद के दौर में कश्मीरी हिंदुओं के खिलाफ टारगेटेड हिंसा और हत्याओं के साथ बड़े पैमाने पर विस्थापन की घटनाएं भी सामने आई थीं। इन मामलों में मलिक की भूमिका को लेकर भी आरोप लगाए गए हैं।