अध्यात्म

महाभारत काल से जुड़ा है युला कांडा, जन्माष्टमी पर होगा भजन-संकीर्तन और रात्रि जागरण

Yulla Kanda : जन्माष्टमी पर अगर आप मथूरा-बरसाना की भीड़ से बचना चाहते है। हिमाचल प्रदेश की शांति और आध्यात्मिक वादियों में इस बार जन्माष्टमी का पर्व एक अनोखे अंदाज में मनाया जाएगा तो आप वहां जा सकते है। समुद्र तल से करीब 12,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित युला कांडा झील के किनारे भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य पूजा और भजन का आयोजन होने जा रहा है। यह स्थान अपने प्राकृतिक सौंदर्य, धार्मिक महत्व और शांत वातावरण के लिए प्रसिद्ध है।

युला कांडा का धार्मिक महत्व

स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, युला कांडा झील का संबंध महाभारत काल से जोड़ा जाता है। कहा जाता है कि पांडवों के वनवास के दौरान यह स्थान उनकी साधना का केंद्र रहा। यहां स्थित मंदिर में श्रीकृष्ण के साथ-साथ अन्य देवी-देवताओं की पूजा की जाती है। जन्माष्टमी के दिन यहां विशेष पूजा-अर्चना, रात्रि जागरण और भजन कार्यक्रम होते हैं।

मथुरा-बरसाना की भीड़ से दूर, प्राकृतिक सौंदर्य में श्रीकृष्ण भक्ति

हर साल जन्माष्टमी के अवसर पर मथुरा और बरसाना में लाखों श्रद्धालु उमड़ते हैं, लेकिन भीड़-भाड़ से दूर रहकर पर्व का आनंद लेना चाहने वालों के लिए युला कांडा एक बेहतरीन विकल्प है। यहां बर्फ से ढके पहाड़, हरी-भरी घाटियां और साफ नीला आसमान भक्तों को एक अद्भुत आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करते हैं।

कैसे पहुंचे युला कांडा

युला कांडा, हिमाचल प्रदेश के किनौर जिले में स्थित है। यहां तक पहुंचने के लिए पहले आपको रिकांग पिओ या कालपा तक सड़क मार्ग से आना होता है। इसके बाद कुछ किलोमीटर का ट्रेक करके झील तक पहुंचा जा सकता है। रास्ता रोमांचक और मनमोहक दृश्यों से भरा होता है, इसलिए यह ट्रेकिंग प्रेमियों के लिए भी खास अनुभव है।

जन्माष्टमी पर विशेष कार्यक्रम

  • भजन और कीर्तन – स्थानीय वाद्ययंत्रों के साथ पारंपरिक भक्ति गीत।
  • दूध, दही और माखन से अभिषेक – श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं की झलक।
  • सांस्कृतिक प्रस्तुतियां – स्थानीय कलाकारों द्वारा नृत्य और नाटक।
  • झांकी सजावट – मंदिर परिसर को फूलों और दीपों से सजाया जाएगा।

ये भी पढ़े : वृन्दावन में इस दिन मनाई जाएंगी “श्रीकृष्ण जन्माष्टमी”, जिला प्रशासन ने तैयारियों में की तेजी

टूरिज्म और आध्यात्मिकता का संगम

युला कांडा केवल एक धार्मिक स्थल नहीं बल्कि ट्रेकिंग, फोटोग्राफी और प्रकृति प्रेमियों के लिए भी स्वर्ग है। जन्माष्टमी के मौके पर यहां आना न केवल आपको भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति में डुबो देगा, बल्कि आपको हिमालय की गोद में एक अविस्मरणीय अनुभव भी देगा।

Jyoti Karki

ज्योति कार्की एक युवा पत्रकार हैं जो स्वास्थ्य, महिला और बाल कल्याण की खबरों में विशेषज्ञता रखती हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की शिक्षा प्राप्त करने के बाद, उन्होंने मीडिया जगत में अपना कदम रखा है। ज्योति ने हिंदुस्तान, एनडीटीवी और इंडिया टीवी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों से इंटर्नशिप की है। इसके अतिरिक्त, नोएडा में लोकल रिपोर्टिंग का अनुभव प्राप्त करके उन्होंने जमीनी स्तर की पत्रकारिता की बारीकियों को समझा है।वर्तमान में ज्योति न्यूज इंडिया के साथ रिपोर्टर और कंटेंट क्रिएटर के रूप में कार्यरत हैं। शिक्षा के प्रति उनका जुनून निरंतर बना रहता है और वे डेवलपमेंट जर्नलिज्म में पोस्ट ग्रेजुएशन कर रही हैं। ज्योति डिजिटल मीडिया में भी सक्रिय हैं। वे पॉडकास्ट और वीडियो इंटरव्यू का निर्माण भी करती हैं।

Recent Posts

वंदे भारत चेयर कार का हाई-स्पीड ट्रायल पूरा, 180 की रफ्तार के बाद अब इन टेस्ट की बारी

Vande Bharat Chair Car: वंदे भारत ट्रेन के नए चेयर कार रेक ने हाई-स्पीड ट्रायल…

59 minutes ago

मरीन ड्राइव पर बेकाबू कार ट्रक में घुसी, मंत्री दीपिका पांडेय सिंह की बेटी समेत 4 लोगों की हुई मौत

jamshedpur Marine Drive Accident: झारखंड के जमशेदपुर में गुरुवार तड़के रफ्तार का कहर देखने को…

1 hour ago

IPL 2027 Auction Venue: अब गोवा पहुंचा IPL ऑक्शन, BCCI दिसंबर में करवाएगी खिलाड़ियों की नीलामी

IPL 2027 Auction: आईपीएल 2027 की नीलामी को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। भारतीय…

2 hours ago

क्या फिर भिड़ सकते हैं भारत-पाक? अमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो का आया जवाब

India Pakistan Conflict: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत और पाकिस्तान के बीच विवाद…

2 hours ago

एशियन गेम्स 2026: भारत की छठे दिन शानदार शुरुआत, बैक टू बैक 2 मेडल से बढ़ा तिरंगे का मान

Asian Games 2026 India Rowing: भारत के लिए एशियन गेम्स 2026 में छठे दिन मेडल…

3 hours ago