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डॉग्स के साथ गाजियाबाद : सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ कुत्तों के समर्थन में निकाला मार्च

Supreme Court for Dog : गाजियाबाद में बेसहारा कुत्तों के प्रति संवेदनशीलता और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए स्थानीय लोगों और पशु कल्याण संगठनों ने एकजुट होकर आवाज उठाई है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिल्ली-एनसीआर में बेसहारा कुत्तों को शहरों से हटाकर शेल्टर होम में रखने के आदेश के विरोध में गाजियाबाद एनिमल वेलफेयर ने मोहन नगर से आराधना सिनेमा तक एक पैदल मार्च निकाला। इस मार्च में बड़ी संख्या में पशु प्रेमी और स्थानीय निवासियों ने हिस्सा लिया, जिन्होंने एक स्वर में कहा कि बेसहारा कुत्तों को शेल्टर होम में भेजना गलत और अमानवीय है।

“कुत्तों को शेल्टर होम नहीं, प्यार चाहिए”

मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों ने तख्तियां और बैनर लिए हुए थे, जिन पर लिखा था, “कुत्तों को शेल्टर होम नहीं, प्यार चाहिए” और “बेसहारा जानवरों का भी जीने का हक है।” गाजियाबाद एनिमल वेलफेयर की अध्यक्ष शालिनी शर्मा ने कहा कि बेसहारा कुत्ते शहर के पारिस्थितिकी तंत्र का हिस्सा हैं और उन्हें जबरन शेल्टर होम में कैद करना उनके प्राकृतिक जीवन को नष्ट करना है। उन्होंने मांग की कि प्रशासन को कुत्तों के लिए टीकाकरण, नसबंदी और देखभाल पर ध्यान देना चाहिए, न कि उन्हें शहर से हटाने पर।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर पुनर्विचार हो शासन से मांग की

स्थानीय निवासियों ने बताया कि बेसहारा कुत्ते रात में कॉलोनियों की सुरक्षा में भी मदद करते हैं और अनजान लोगों की मौजूदगी पर भौंककर खतरे की चेतावनी देते हैं। मार्च में शामिल एक पशु प्रेमी, राहुल वर्मा ने कहा, “शेल्टर होम में कुत्तों को सीमित जगह में रखना उनके लिए क्रूरता है। हमें इनके लिए बेहतर समाधान ढूंढने चाहिए, जैसे सामुदायिक देखभाल और जागरूकता।” यह मार्च गाजियाबाद में बेसहारा कुत्तों की स्थिति पर चल रही बहस को और गर्माता है, खासकर तब जब हाल ही में कुत्तों के हमले की घटनाएं भी सामने आई हैं। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मांग की है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर पुनर्विचार हो और बेसहारा कुत्तों के लिए मानवीय नीतियां बनाई जाएं।

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Jyoti Karki

ज्योति कार्की एक युवा पत्रकार हैं जो स्वास्थ्य, महिला और बाल कल्याण की खबरों में विशेषज्ञता रखती हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की शिक्षा प्राप्त करने के बाद, उन्होंने मीडिया जगत में अपना कदम रखा है। ज्योति ने हिंदुस्तान, एनडीटीवी और इंडिया टीवी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों से इंटर्नशिप की है। इसके अतिरिक्त, नोएडा में लोकल रिपोर्टिंग का अनुभव प्राप्त करके उन्होंने जमीनी स्तर की पत्रकारिता की बारीकियों को समझा है।वर्तमान में ज्योति न्यूज इंडिया के साथ रिपोर्टर और कंटेंट क्रिएटर के रूप में कार्यरत हैं। शिक्षा के प्रति उनका जुनून निरंतर बना रहता है और वे डेवलपमेंट जर्नलिज्म में पोस्ट ग्रेजुएशन कर रही हैं। ज्योति डिजिटल मीडिया में भी सक्रिय हैं। वे पॉडकास्ट और वीडियो इंटरव्यू का निर्माण भी करती हैं।

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