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Air India की फुकेत फ्लाइट की शुरुआती जांच में हाइड्रोलिक फेलियर की पुष्टि, ऑटोपायलट हुआ डिस्कनेक्ट

by | Sep 4, 2026 | News Big, देश

Air India hydraulic failure: फुकेत से दिल्ली आ रही Air India की Airbus A320 फ्लाइट में 4 अगस्त को उड़ान के दौरान कुछ समय के लिए तीनों हाइड्रोलिक सिस्टम का दबाव खत्म हो गया। Aircraft Accident Investigation Bureau (AAIB) की प्रारंभिक जांच के मुताबिक, इस दौरान ऑटोपायलट डिस्कनेक्ट हुआ, स्टॉल वॉर्निंग आई और विमान की ऊंचाई में अचानक बदलाव हुआ। फ्लाइट AI 2379 में 137 यात्री सवार थे।

36,000 फीट की ऊंचाई पर हुआ घटनाक्रम

विमान Flight Level 360 यानी करीब 36,000 फीट पर उड़ रहा था। पहले ग्रीन हाइड्रोलिक सिस्टम में दबाव कम हुआ और कुछ ही सेकंड में ब्लू और येलो सिस्टम ने भी दबाव खो दिया। इसके बाद ऑटोपायलट बंद हो गया और लगातार चाइम सुनाई दी। करीब दो सेकंड तक स्टॉल वॉर्निंग भी सक्रिय रही। विमान पहले 372 फीट ऊपर गया और फिर निर्धारित ऊंचाई से 292 फीट नीचे आ गया। बाद में तीनों हाइड्रोलिक सिस्टम सामान्य हो गए और फ्लाइट-कंट्रोल सतहों ने ठीक से काम करना शुरू कर दिया। उस समय को-पायलट विमान उड़ा रहे थे, लेकिन स्थिति संभालने के बाद पायलट-इन-कमांड (PIC) ने कंट्रोल अपने हाथ में ले लिया।

24 लोगों को अस्पताल ले जाना पड़ा

सीट-बेल्ट साइन बंद होने के कारण ऊंचाई में अचानक बदलाव के दौरान यात्री और केबिन क्रू इधर-उधर गिर गए। दिल्ली पहुंचने पर 20 यात्रियों और चार क्रू सदस्यों समेत 24 लोगों को इलाज मिला। इनमें से 20 को मामूली चोटों के बाद छुट्टी दे दी गई, जबकि गंभीर रूप से घायल चार लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। विमान के ओवरहेड सीलिंग पैनल, पैसेंजर-सर्विस यूनिट और ओवरहेड-बिन के दरवाजे क्षतिग्रस्त हुए। इमरजेंसी-एग्जिट हैंडल और हैंडरेल टूट गए, लैवेटरी का एक हिस्सा उखड़ गया और क्रू सीटों के कुछ हिस्से भी क्षतिग्रस्त हुए।

दिल्ली ही गई फ्लाइट

क्रू ने नजदीकी एयरपोर्ट पर डायवर्ट करने के बजाय दिल्ली जाना जारी रखा। बाद में दिल्ली ATC से मेडिकल प्राथमिकता मांगी गई। विमान सुबह 11 बजे रनवे 11L पर सुरक्षित उतरा और 11:07 बजे अपने दम पर पार्किंग बे तक पहुंच गया। घटना के दौरान खराब मौसम की सूचना नहीं थी, हालांकि पूर्वानुमान में बाद में गरज-चमक वाले तूफान की संभावना थी। विमान 28 जुलाई से PTU से जुड़ी MEL item 29-23-01A के तहत ऑपरेट हो रहा था। उड़ान से पहले कोई नई खराबी दर्ज नहीं हुई थी।

कैप्टन का साइकोएक्टिव टेस्ट नॉन-नेगेटिव

दोनों पायलटों का ब्रीथलाइजर टेस्ट नेगेटिव आया। बाद में साइकोएक्टिव-सब्सटेंस स्क्रीनिंग में PIC का सैंपल नॉन-नेगेटिव और को-पायलट का नेगेटिव मिला। पुष्टि के लिए भेजे गए ब्लड सैंपल में भी PIC का टेस्ट नॉन-नेगेटिव रहा। AAIB ने इसे “गंभीर चिंता” बताते हुए DGCA से साइकोएक्टिव पदार्थों के दुरुपयोग पर प्राथमिकता से कार्रवाई की सिफारिश की है। हालांकि, रिपोर्ट ने इस टेस्ट को हाइड्रोलिक खराबी या ऊंचाई में बदलाव से नहीं जोड़ा है।

तकनीकी जांच जारी

AAIB ने कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर और डिजिटल फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर बरामद कर उनका डेटा डाउनलोड कर लिया है। हाइड्रोलिक पार्ट्स और फ्लूड सैंपल भी जांच के लिए लिए गए हैं। फ्रांस की BEA और Airbus के विशेषज्ञों ने 13 से 15 अगस्त के बीच विमान का निरीक्षण किया। मेंटेनेंस, ऑपरेशनल, ईंधन और तेल के रिकॉर्ड तथा ATC से संबंधित जानकारी जुटाई गई है। क्रू, एयरलाइन, एयरपोर्ट ऑपरेटर और मेडिकल स्टाफ के शुरुआती बयान भी लिए गए हैं। घटना के तकनीकी और अन्य कारणों की विस्तृत जांच जारी है।

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