अविमुक्तेश्वरानंद को प्रयागराज प्रशासन मनाने में जुटा
Avimukteshwaranand: शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने उत्तर प्रदेश में सीएम योगी आदित्यनाथ को 40 दिनों का अल्टीमेटम देते हुए गोमाता को राज्य माता घोषित करने की मांग की है। उन्होंने प्रशासन की ओर से माफी की बात पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अब माफी की बात पीछे छूट गई है। उन्होंने कहा जब हम 10-11 दिन से वहां बैठे थे तो भी प्रयास किया गया। अब हम 10-11 मार्च को लखनऊ में संत समाज के साथ जाएंगे और अपनी मांगों को रखेंगे।
प्रयागराज के अफसरों को भरोसा था कि शंकराचार्य माघ पूर्णिमा (1 फरवरी) के स्नान तक मेले में रहेंगे। उनका मानना था कि तब तक वे शंकराचार्य को मना लेंगे। लेकिन 28 जनवरी को शंकराचार्य का अचानक वाराणसी लौट जाना प्रशासन के लिए बड़ा झटका साबित हुआ। रिपोर्ट्स है कि अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रशासन के समक्ष 2 मांगें रखी थी, जिसमें प्रशासन द्वारा लिखित में माफीनाफा और चारों शंकराचार्यों के लिए माघ मेला, कुंभ और महाकुंभ में प्रोटोकॉल तय कर घोषित करने की मांग शामिल हैं।
प्रयागराज माघ मेले में प्रवेश के दौरान हुए अधिकारियों व शिष्यों के बीच विवाद के बाद शंकराचार्य अपने शिविर के बाहर धरने पर बैठ गए थे। दरअसल, मौनी अमावस्या के पवित्र स्नान के लिए शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद अपने रथ/पालकी के साथ संगम नोज की तरफ बढ़ रहे थे। भीड़ बढ़ने और सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने उनसे रथ से उतरकर पैदल जाने का अनुरोध किया था। लेकिन शंकराचार्य के समर्थक उनके रथ को आगे ले जाने पर अड़े रहे।
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