BAPS Hindu Temple France UNESCO: फ्रांस के बुसी-सेंट-जॉर्जेस स्थित नवनिर्मित BAPS स्वामिनारायण हिंदू मंदिर में 10 सितंबर 2026 को विशेष ‘इंडो-फ्रेंच कल्चरल ओपन डे’ आयोजित किया गया। कार्यक्रम में यूनेस्को के 43 देशों का प्रतिनिधित्व करने वाले 50 से अधिक राजदूत, स्थायी प्रतिनिधि, वरिष्ठ राजनयिक और यूनेस्को अधिकारी शामिल हुए। यूरोप, अफ्रीका, एशिया, अरब देशों, अमेरिका और कैरेबियन क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने इसमें हिस्सा लिया।
कार्यक्रम का आयोजन यूनेस्को में भारत के स्थायी प्रतिनिधिमंडल ने किया। समारोह से पहले मेहमानों के लिए पारंपरिक भारतीय भोजन की व्यवस्था की गई। इसके बाद उन्हें मंदिर के निर्माण के मूल मूल्यों—सेवा, सांस्कृतिक समझ और संवाद—से परिचित कराया गया।
भारत-फ्रांस सहयोग की मिसाल बताया
यूनेस्को में भारत के राजदूत एवं स्थायी प्रतिनिधि विशाल शर्मा ने मंदिर को भारत की सभ्यता, विरासत और भारत-फ्रांस सहयोग से विकसित शिल्पकला का अनूठा संगम बताया। उन्होंने कहा कि संस्कृति और विरासत यूनेस्को के केंद्र में हैं और मंदिर भारत की सांस्कृतिक विरासत को विदेश में जीवंत परंपरा के रूप में प्रस्तुत करता है।
भारतीय शिल्प और फ्रांसीसी इंजीनियरिंग का संगम
एक विशेष फिल्म के जरिए मंदिर के निर्माण की कहानी दिखाई गई। इसमें सदियों पुरानी भारतीय शिल्पकला व स्थापत्य परंपराओं और फ्रांस की इंजीनियरिंग विशेषज्ञता के मेल को दर्शाया गया। यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज सेंटर की डिप्टी डायरेक्टर ज्योति होसाग्रहर ने मंदिर को जीवंत विरासत और सांस्कृतिक संवाद का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि ऐसी पहलें सांस्कृतिक विविधता, समुदायों के बीच संबंध और अंतर-सांस्कृतिक समझ को बढ़ावा देती हैं।
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