Share Market
Share Market : भारतीय शेयर बाजार में पिछले हफ्ते अच्छी तेजी देखने को मिली। BSE का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 1,293.65 अंक बढ़ा और NSI निफ्टी 391.1 अंक तक पहुंचकर बंद हुआ। अब शेयरधारकों की निगाहें सोमवार को शेयर बाजार कैसा रहने वाला है इसपर बनी हुई है। क्या अगले हफ्ते भी बाजार में तेजी जारी रहेगी या फिर 'बियर' करेगा कब्जा?
मार्केट एक्सपर्ट का ऐसा मानना है कि सोमवार से शेयर बाजारों की दिशा अमेरिका और चीन के बीच नए शुल्क तनाव, घरेलू मुद्रास्फीति के आंकड़ों और एचसीएल टेक, इन्फोसिस और रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसी बड़ी कंपनियों के तिमाही नतीजों से तय होगी।
इसके अलावा, वैश्विक बाजार में चल रही प्रवृत्तियाँ और प्रमुख भू-राजनीतिक घटनाक्रम भी निवेशकों की धारणा को प्रभावित करेंगे, जिससे बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
ऑनलाइन ट्रेडिंग और फिनटेक कंपनी एनरिच मनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) पोनमुडी आर ने कहा है कि इस सप्ताह शेयर बाजार की दिशा मुख्य रूप से घरेलू संकेतकों, वैश्विक आर्थिक रुझानों, और कंपनियों के तिमाही नतीजों पर निर्भर करेगी।
उन्होंने कहा कि अमेरिका और चीन के बीच व्यापार शुल्क युद्ध के दोबारा तेज़ होने से वैश्विक निवेश धारणा कमजोर पड़ सकती है। शुक्रवार को वॉल स्ट्रीट में भारी गिरावट इसी का संकेत है। इस बढ़ते व्यापार तनाव के कारण डॉलर का बाह्य प्रवाह बढ़ सकता है, जिससे उभरते बाजारों (इमर्जिंग मार्केट्स) के शेयरों और मुद्राओं पर अतिरिक्त दबाव बन सकता है।
शुक्रवार को अमेरिकी शेयर बाजारों में तेज गिरावट देखने को मिली। नैस्डैक कंपोजिट में 3.56%, एसएंडपी 500 में 2.71%, और डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज में 1.90% की गिरावट दर्ज की गई।
रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अजित मिश्रा ने कहा कि आगामी सप्ताह बाजार के लिए कई अहम घटनाक्रम लेकर आएगा। इस दौरान वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही के लिए कंपनियों के नतीजे सामने आएंगे, साथ ही महत्वपूर्ण घरेलू वृहद आर्थिक आंकड़े भी जारी किए जाएंगे।
आंकड़ों के मोर्चे पर, सरकार 13 अक्टूबर को सितंबर माह की खुदरा मुद्रास्फीति (सीपीआई) के आंकड़े जारी करेगी, जबकि थोक मुद्रास्फीति (डब्ल्यूपीआई) के आंकड़े 14 अक्टूबर को आने हैं।
उन्होंने कहा कि निवेशक आईटी क्षेत्र की बड़ी कंपनियों और मध्यम स्तर की कंपनियों जैसे इन्फोसिस, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, विप्रो, टेक महिंद्रा, एलटीआईमाइंडट्री के साथ-साथ बैंकिंग क्षेत्र के दिग्गज एक्सिस बैंक और रिलायंस इंडस्ट्रीज के नतीजों पर नजर रखेंगे। मिश्रा ने कहा कि वैश्विक स्तर पर, फेडरल रिजर्व के प्रमुख जेरोम पावेल के आगामी संबोधन से मौद्रिक नीति की दिशा पर संकेत मिलने की उम्मीद है।’’
एक विशेषज्ञ ने कहा कि निवेशक इस सप्ताह विदेशी निवेशकों की व्यापारिक गतिविधियों पर भी नज़र रखेंगे।
स्वस्तिका इन्वेस्टमार्ट लिमिटेड के शोध प्रमुख संतोष मीणा ने कहा कि यह सप्ताह महत्वपूर्ण रहने वाला है क्योंकि अमेरिका और चीन के बीच चल रहे नए तनाव के कारण अमेरिकी बाजारों में भारी गिरावट के बाद वैश्विक धारणा सतर्कता वाली हो गई है। वृहद आर्थिक मोर्चे पर, ध्यान अमेरिका पर केंद्रित होगा, जहां फेडरल रिजर्व के प्रमुख मंगलवार, 14 अक्टूबर को भाषण देने वाले हैं। मीणा ने कहा कि फेडरल रिजर्व के ब्याज दर परिदृश्य और मुद्रास्फीति की दिशा पर संकेतों के लिए उनकी टिप्पणियों पर कड़ी नजर रखी जाएगी।
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