Bengaluru to Ladakh by Auto: लंबी दूरी की पहाड़ी यात्रा कार या बाइक से करना भी आसान नहीं होता, लेकिन बेंगलुरु के 35 वर्षीय ऑटोरिक्शा चालक बालकृष्ण मोहन ने अपने तीन पहियों वाले ऑटो से लद्दाख तक पहुंचकर सबको हैरान कर दिया। उन्होंने 24 दिनों में करीब 8,900 किलोमीटर का सफर तय किया और लगभग 19 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित उमलिंग ला तक पहुंचे। बालकृष्ण ने इस यात्रा के लिए अपना पुराना ऑटो बेचकर एक सेकेंड हैंड ऑटोरिक्शा खरीदा था। उन्होंने उसमें खाना, सोने का सामान और यात्रा के लिए जरूरी चीजें रखीं। 1 अगस्त को वह बेंगलुरु के विधान सौधा से अपने इस खास सफर पर रवाना हुए।
कई राज्यों से होते हुए पहुंचे लद्दाख
उनकी यात्रा बेंगलुरु से शुरू होकर हैदराबाद, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर से होते हुए लेह पहुंची। इसके बाद उन्होंने द्रास, कारगिल, नुब्रा, पैंगोंग झील, चांग ला और हानले जैसे इलाकों से गुजरते हुए उमलिंग ला का सफर पूरा किया।
रास्ते में आईं कई मुश्किलें
यात्रा के दौरान खराब सड़कें, खड़ी चढ़ाई, पंचर और ऑटो में खराबी जैसी समस्याओं ने कई बार उनकी राह मुश्किल बनाई। उमलिंग ला से लौटते समय वह करीब 13 किलोमीटर गलत दिशा में चले गए और प्रतिबंधित सीमा क्षेत्र के करीब पहुंच गए। स्थानीय लोगों की चेतावनी के बाद वह सही रास्ते पर लौट सके।
जम्मू के बाद छोड़नी पड़ी CNG
जम्मू के बाद आगे CNG स्टेशन नहीं मिलने के कारण उन्हें अपने ऑटो को पेट्रोल पर चलाना पड़ा। पूरी यात्रा के दौरान उन्होंने ईंधन पर करीब 48 हजार रुपये खर्च किए। जरूरत पड़ने पर सेना के जवानों और रास्ते में मिले लोगों ने भी उनकी मदद की। मूल रूप से मैसूर के रहने वाले बालकृष्ण अब सरजापुर में पत्नी और दो बच्चों के साथ रहते हैं। उनका कहना है कि वह अपने बच्चों के लिए एक यादगार अनुभव छोड़ना चाहते थे। उनका यह सफर बताता है कि मजबूत इरादे और हौसले के साथ कठिन से कठिन रास्ता भी तय किया जा सकता है।
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