Friday, Sep 04

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बिजनौर में बदहाल रास्ते से गुजरी अंतिम यात्रा, पानी-कीचड़ में शव लेकर श्मशान पहुंचे ग्रामीण

Bijnor: बिजनौर के मंडावली क्षेत्र के मुस्सेपुर गांव में खराब रास्ते की समस्या एक बार फिर सामने आई। गांव के चौकीदार जयपाल सिंह की बीमारी के चलते मौत हो गई। मंगलवार को जब परिजन और ग्रामीण उनकी शव यात्रा लेकर श्मशान घाट की ओर निकले, तो रास्ते में जगह-जगह पानी और कीचड़ जमा मिला। लोगों को काफी परेशानी के बीच सावधानी से आगे बढ़ना पड़ा। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के दौरान गांव से श्मशान घाट तक जाने वाला रास्ता हर बार जलभराव और कीचड़ की समस्या से जूझता है। उनका दावा है कि पिछले कुछ समय में करीब चार-पांच शव यात्राएं इसी बदहाल रास्ते से निकाली जा चुकी हैं।

किसानों को भी रोजाना परेशानी

यह रास्ता सिर्फ श्मशान घाट जाने के लिए ही नहीं, बल्कि आसपास के किसानों के खेतों तक पहुंचने का प्रमुख मार्ग भी है। बारिश के बाद पानी और कीचड़ भरने से पैदल चलना मुश्किल हो जाता है और दोपहिया वाहनों से निकलना भी कई बार संभव नहीं होता। इससे किसानों और अन्य ग्रामीणों का रोजमर्रा का आवागमन प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक, उन्होंने रास्ते की समस्या को लेकर ग्राम प्रधान और ग्राम सचिव से कई बार शिकायत की, लेकिन अब तक जलभराव का स्थायी समाधान नहीं हुआ। हर बारिश में स्थिति फिर बिगड़ जाती है।

स्थायी समाधान की मांग

ग्रामीणों ने गांव से श्मशान घाट तक के रास्ते को प्राथमिकता के आधार पर ठीक कराने की मांग की है। उनका कहना है कि अंतिम यात्रा जैसे संवेदनशील समय में लोगों को पानी और कीचड़ से गुजरना बेहद परेशान करने वाला है। साथ ही रास्ते का स्थायी सुधार होने से किसानों और आम ग्रामीणों को भी राहत मिलेगी। ग्रामीणों को उम्मीद है कि संबंधित अधिकारी मौके का निरीक्षण कर जलभराव और कीचड़ की समस्या का स्थायी समाधान कराएंगे। जयपाल सिंह की अंतिम यात्रा के दौरान सामने आई परेशानी ने गांव की लंबे समय से चली आ रही बदहाल रास्ते की समस्या को फिर उजागर कर दिया है।

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