BRICS Summit 2026: नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का आज दूसरा दिन है। पहले दिन ब्रिक्स देशों और पार्टनर देशों के नेताओं ने बैठक में हिस्सा लिया। इसी दौरान सभी सदस्य देशों की सहमति से ‘नई दिल्ली घोषणापत्र 2026’ जारी किया गया। घोषणापत्र में अंतरराष्ट्रीय विवादों को बातचीत और कूटनीति के जरिए सुलझाने पर जोर दिया गया। वहीं, रविवार को इस शिखर सम्मेलन के ओपन सेशन में समावेशी वैश्विक विकास पर भी मंथन होगा। दुनिया में बदलते हालात के बीच विकासशील देशों की आवाज को मजबूत करने, आर्थिक सहयोग बढ़ाने और नवाचार के जरिए विकास को रफ्तार देने पर चर्चा होगी।
आज PM मोदी का ऐसा रहेगा शिड्यूल
18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दूसरे दिन पीएम नरेंद्र मोदी भारत मंडपम में फैमिली फोटो के बाद सुबह 10:50 बजे समावेशी वैश्विक विकास पर ओपन सेशन होगा। इसके बाद पीएम मोदी कजाकिस्तान, फिलीपींस, मिस्त्र, दक्षिण अफ्रीका, बुरुंडी, नाइजीरिया और युगांडा के शीर्ष नेताओं से अलग-अलग द्विपक्षीय बैठकें करेंगे। बैठकें दोपहर 2:30 बजे से शाम 5:40 बजे तक चलेंगी। वहीं, पहले दिन पीएम मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं। इन मुलाकातों में आपसी सहयोग और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा हुई थी।
'रूस-चीन-भारत की एकजुटता से दुनिया को फायदा'
पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्री दिलीप घोष ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 को लेकर कहा कि रूस, चीन और भारत जैसे एशिया के तीन बड़े देश अगर साथ मिलकर काम करेंगे, तो प्रगति की नई राह खुलेगी। उन्होंने कहा कि इससे दुनिया की कई समस्याओं को कम करने में मदद मिल सकती है। घोष के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह सम्मेलन शांति और समृद्धि की दिशा में एक नया समीकरण तैयार कर रहा है।

