Chamoli Tunnel Accident: उत्तराखंड के चमोली जिले से गुरुवार शाम एक बड़े हादसे की खबर सामने आई। मायापुर (पीपलकोटी) क्षेत्र में टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में अचानक पानी का तेज बहाव और मलबा भर गया। हादसे के वक्त टनल के भीतर मजदूर निर्माण कार्य में जुटे हुए थे। घटना के बाद कई मजदूर अंदर फंस गए। प्रशासन और विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। ताजा प्रशासनिक जानकारी के अनुसार 22 मजदूरों के फंसे होने की बात सामने आई, जिनमें से 20 को बाहर निकाला जा चुका है। इनमें 7 मजदूरों की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि 2 मजदूरों को निकालने के लिए अभियान जारी है।
जानकारी के मुताबिक, गुरुवार शाम करीब 7:05 बजे निर्माणाधीन टनल में अचानक पानी का तेज बहाव पहुंच गया। कुछ ही समय में पानी के साथ मलबा भी अंदर भरने लगा। उस समय वहां कई मजदूर काम कर रहे थे। अचानक आई इस स्थिति से टनल के अंदर अफरा-तफरी मच गई और मजदूर सुरक्षित स्थान की ओर निकलने का प्रयास करने लगे।
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस को इसकी जानकारी दी गई। इसके बाद बचाव दलों को मौके पर भेजा गया और टनल में फंसे लोगों को बाहर निकालने का अभियान शुरू किया गया।
हादसे के शुरुआती चरण में टनल के अंदर फंसे मजदूरों की संख्या को लेकर अलग-अलग आंकड़े सामने आए। पहले करीब 18 से 19 लोगों के फंसे होने की जानकारी मिली। रेस्क्यू आगे बढ़ने पर कई मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
बाद में प्रशासन की ओर से बताया गया कि कुल 22 मजदूर टनल के अंदर फंसे थे। अब तक 20 लोगों को बाहर निकाला जा चुका है। हालांकि, रेस्क्यू के दौरान 7 मजदूरों की मौत हो गई। फिलहाल दो मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए बचाव अभियान जारी है।
हादसे की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी गौरव कुमार भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल पर मौजूद अधिकारियों और बचाव दलों से स्थिति की जानकारी ली। डीएम ने सभी टीमों को बेहतर समन्वय के साथ तेजी से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने के निर्देश दिए।
प्रशासन की ओर से टनल के अंदर की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। बचाव दलों को आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं, ताकि अंदर फंसे लोगों तक जल्द पहुंचा जा सके।
रेस्क्यू ऑपरेशन को तेज करने के लिए कई सुरक्षा एजेंसियों को लगाया गया है। एसडीआरएफ और एनडीआरएफ के साथ आईटीबीपी तथा सेना की टीमें भी मौके पर मौजूद हैं। स्थानीय पुलिस, सीआईएसएफ और अन्य संबंधित एजेंसियां भी बचाव कार्य में सहयोग कर रही हैं।
टनल में पानी और मलबा होने के कारण रेस्क्यू टीमों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। इसके बावजूद सभी एजेंसियां सावधानी और पूरी तैयारी के साथ अभियान चला रही हैं।
रेस्क्यू किए गए मजदूरों में से कुछ की हालत को देखते हुए उन्हें तत्काल चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई गई। कम से कम दो मजदूरों को जिला अस्पताल गोपेश्वर भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। जरूरत के अनुसार अन्य मजदूरों को भी अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था की गई। प्रशासन की ओर से घायलों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
हादसे की जानकारी मिलने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आपात परिचालन केंद्र में अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने रेस्क्यू ऑपरेशन की स्थिति की जानकारी ली और अधिकारियों को बचाव कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने घायल मजदूरों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया। साथ ही मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए प्रदेश के अधिकारियों को पूरी तरह अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी तरीके से निपटा जा सके।
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