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नेपाल-तिब्बत आपदा के बीच चीन में सूचना पर सख्ती, ‘अफवाह’ फैलाने के आरोप में 10 लोगों पर कार्रवाई

by | Aug 31, 2026 | News Latest

China Nepal Tibet Disaster: नेपाल-तिब्बत सीमा पर आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन के बाद चीन में सूचना को लेकर सख्ती की खबर सामने आई है। चीनी अधिकारियों ने तिब्बत के गिरोंग पोर्ट में हुई तबाही से जुड़ी कथित गलत सूचनाएं फैलाने के मामलों में 10 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की है। इनमें कुछ लोगों पर मृतकों और लापता लोगों की संख्या को बढ़ा-चढ़ाकर बताने का आरोप लगाया गया है।

चीन ने 16 मौतों और 546 लापता होने की जानकारी दी

26 अगस्त को नेपाल-चीन सीमा के पास भीषण बाढ़ और भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई थी। चीन के अनुसार, तिब्बत के गिरोंग क्षेत्र में अब तक 16 लोगों की मौत हुई है, जबकि 546 लोग लापता हैं। इनमें 261 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। वहीं, नेपाल में इस आपदा का असर कहीं ज्यादा व्यापक रहा है। नेपाल और चीन के आंकड़ों को मिलाकर लापता लोगों की संख्या करीब 3,000 तक पहुंच गई है। नेपाल में मृतकों की संख्या भी सैकड़ों में है। ऐसे में चीन की ओर से सामने आए आंकड़ों और आपदा के व्यापक असर को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

सोशल मीडिया पर पोस्ट करने वालों पर कार्रवाई

चीन की साइबर सुरक्षा पुलिस ने गिरोंग पोर्ट की आपदा से जुड़ी 10 कथित अफवाहों के मामलों का खुलासा किया है। अधिकारियों का कहना है कि कुछ इंटरनेट यूजर्स ने बिना पुष्टि के मृतकों और लापता लोगों की संख्या बढ़ाकर बताई और इससे लोगों को गुमराह करने वाली जानकारी फैली। चीनी अधिकारियों के अनुसार, कुछ लोगों ने हजारों लोगों के मारे जाने या लापता होने का दावा सोशल मीडिया पर किया था। पुलिस ने इन दावों को गलत बताते हुए संबंधित लोगों पर कार्रवाई की। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों में इन सभी मामलों में दी गई सजा का विस्तृत ब्योरा सामने नहीं आया है।

चीन में ‘फेक न्यूज’ पर कड़े नियम

चीन में आपदा या अन्य संवेदनशील घटनाओं को लेकर गलत सूचना फैलाने पर प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है। इसी व्यवस्था के तहत अधिकारियों ने गिरोंग पोर्ट की घटना से जुड़ी पोस्ट को लेकर कार्रवाई की है। यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि तिब्बत चीन के सबसे संवेदनशील क्षेत्रों में शामिल है। यहां होने वाली किसी भी बड़ी घटना की जानकारी, तस्वीरों और वीडियो को लेकर सरकारी नियंत्रण लंबे समय से चर्चा का विषय रहा है।

सूचना नियंत्रण को लेकर उठ रहे सवाल

नेपाल में आपदा की भयावहता सामने आने के बाद तिब्बत की तरफ से आने वाली जानकारी सीमित होने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। कुछ तिब्बत समर्थक समूहों ने आरोप लगाया है कि वास्तविक नुकसान का पैमाना चीन के आधिकारिक आंकड़ों से कहीं ज्यादा हो सकता है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। चीन की ओर से इसके विपरीत कहा गया है कि सरकार ने राहत और बचाव अभियान के बीच गलत जानकारी फैलाने वालों पर कार्रवाई की है। अधिकारियों का कहना है कि ऐसी सूचनाएं बचाव कार्यों को प्रभावित कर सकती हैं।

कोरोना काल की सेंसरशिप से जोड़ी जा रही चर्चा

चीन की सूचना नीति को लेकर यह चर्चा ऐसे समय में तेज हुई है, जब कोरोना महामारी के शुरुआती दौर में भी देश में सूचनाओं पर नियंत्रण को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सवाल उठे थे। हालांकि, मौजूदा नेपाल-तिब्बत आपदा में कार्रवाई को सीधे उसी नीति की निरंतरता बताना एक आरोप या विश्लेषण है, न कि स्थापित तथ्य। फिलहाल चीन में आधिकारिक आंकड़ा 16 मौतों और 546 लोगों के लापता होने का है और बचाव अभियान जारी है। दूसरी ओर, आपदा के वास्तविक प्रभाव और सूचना की पारदर्शिता को लेकर सवाल बने हुए हैं।

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