Breaking

ब्राह्मण महासभा में UCG के मुद्दे पर पूर्व डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा का विरोध, बीच में रोकना पड़ा भाषण

Prabuddh Samagam Lucknow: राजधानी स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में शनिवार को अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा की ओर से ‘प्रबुद्ध समागम 2026’ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विभिन्न राजनीतिक दलों के वरिष्ठ नेता एक मंच पर दिखाई दिए। आयोजन का मुख्य उद्देश्य ब्राह्मण समाज के मुद्दों पर चर्चा और एकजुटता का प्रदर्शन था, लेकिन कार्यक्रम के दौरान यूजीसी कानून और स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का विषय केंद्र में रहा।

डॉ. दिनेश शर्मा को विरोध का सामना

समागम में उस समय माहौल गरमा गया जब बीजेपी के राज्यसभा सदस्य और पूर्व उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा से यूजीसी कानून पर बोलने की मांग की गई। लोगों का आरोप था कि उन्होंने इस मुद्दे पर स्पष्ट रुख नहीं अपनाया। जब उन्होंने इस विषय पर बोलने से परहेज किया, तो सभागार में मौजूद लोगों ने नारेबाजी शुरू कर दी। लगातार विरोध के कारण डॉ. शर्मा को अपना संबोधन बीच में ही रोककर वापस बैठना पड़ा। यह घटनाक्रम कार्यक्रम का सबसे चर्चित क्षण बन गया और इससे सभा का माहौल तनावपूर्ण हो गया।

यूजीसी और स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर चर्चा

समागम में यूजीसी कानून को लेकर तीखी बहस हुई। कई वक्ताओं ने इसे विवादित बताते हुए अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के समर्थन में भी नारे लगाए गए। कार्यक्रम में मौजूद वक्ताओं ने कहा कि यह मुद्दा केवल शैक्षिक नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक अस्मिता से भी जुड़ा है।

कलराज मिश्र का बयान

पूर्व राज्यपाल कलराज मिश्र ने मंच से कहा कि उन्होंने खुले तौर पर यूजीसी कानून का विरोध किया है। उन्होंने इसे अलगाववादी प्रवृत्तियों को बढ़ावा देने वाला बताया। साथ ही उन्होंने समाज से आग्रह किया कि शब्दों और विचारों की मर्यादा बनाए रखते हुए एकता के भाव से आगे बढ़ें। उन्होंने संविधान को गीता के समान पवित्र ग्रंथ बताते हुए कहा कि उसके नियमों का सम्मान मंत्रों की तरह किया जाना चाहिए।

ब्रजेश पाठक और अन्य नेताओं की प्रतिक्रिया

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने मंच से कहा कि सरकार लोगों की भावनाओं को समझती है और उनकी अपेक्षाओं को जल्द पूरा किया जाएगा। हालांकि उन्होंने भी यूजीसी कानून पर सीधी टिप्पणी करने से परहेज किया। कार्यक्रम में कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे और प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने प्रयागराज में बटुकों के साथ कथित मारपीट और स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े घटनाक्रम को लेकर बीजेपी पर निशाना साधा।

सभी दलों की मौजूदगी

समागम की विशेषता यह रही कि बीजेपी, कांग्रेस और समाजवादी पार्टी जैसे प्रमुख दलों के नेता एक ही मंच पर उपस्थित रहे। यह दुर्लभ अवसर था जब सत्ताधारी दल और विपक्षी दल के नेता एक साझा मुद्दे पर साथ बैठे नजर आए। कार्यक्रम के दौरान बरेली के पूर्व पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री को सम्मानित भी किया गया।

ब्राह्मण एकजुटता का प्रदर्शन

‘प्रबुद्ध समागम 2026’ भले ही नाम से व्यापक बौद्धिक संवाद का मंच था, लेकिन इसका केंद्र ब्राह्मण समाज के मुद्दे ही रहे। इस आयोजन में पहली बार ब्राह्मण समाज की व्यापक एकजुटता देखने को मिली।

Yas Pal

Recent Posts

IIT बॉम्बे छात्र की मौत के बाद माता-पिता का अनशन, ‘प्रताड़ित करने वालों’ पर कार्रवाई की मांग

IIT Bombay Student Death: IIT बॉम्बे के 20 वर्षीय BTech छात्र के माता-पिता ने मुंबई…

9 hours ago

‘वोट चोरी’ से होती है ‘कानून चोरी’: राहुल गांधी बोले- सांसदों के बनाए कानून भी अवैध

Rahul Gandhi Vote Chori Allegation: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को मुख्य…

10 hours ago

AI की रफ्तार बढ़ी तो बढ़ेगा ई-कचरा, 2050 तक हर साल 6.1 करोड़ टन तक निकल सकता है वेस्ट

AI E-Waste: दुनिया में AI का इस्तेमाल बढ़ने के साथ डेटा सेंटर और कंप्यूटिंग मशीनों…

11 hours ago

मेरठ सेंट्रल मार्केट के 650 व्यापारियों को राहत, सरकार लाएगी विशेष पुनर्वास नीति

Meerut: मेरठ के शास्त्रीनगर स्थित सेंट्रल मार्केट के ध्वस्तीकरण से प्रभावित करीब 650 व्यापारियों को…

11 hours ago

गोवा में वोटर डिलीट करने के बाद नाम नहीं हो सका बहाल; EC ने Form 7 का दिया हवाला

ECINet Voter Deletion Rollback: चुनाव आयोग ने India Today को बताया कि ECINet सिस्टम में…

11 hours ago

‘देशभर में होगा प्रदर्शन’: CJP ने CEC ज्ञानेश कुमार से 48 घंटे में की इस्तीफे की मांग

CJP Gyanesh Kumar Resignation Demand: नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर Cockroach Janta Party (CJP)…

12 hours ago