नोएडा

गौतमबुद्धनगर की नई डीएम मेधा रूपम का बड़ा एक्शन, 9 साल से जमे असलाह बाबू को पद से हटाया

Noida DM Action : गौतमबुद्धनगर की नई जिलाधिकारी डॉ. मेधा रूपम ने पदभार ग्रहण करते ही प्रशासनिक प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। डीएम बनने के तुरंत बाद उन्होंने लंबे समय से तैनात असलाह बाबू अरविंद कुमार को उनके पद से हटा दिया। अरविंद कुमार पिछले करीब नौ वर्षों से इसी जिम्मेदारी को संभाल रहे थे और इस पद पर लगातार जमे रहने को लेकर प्रशासनिक गलियारों में सवाल उठते रहे थे।

डीएम की कार्रवाई से प्रशासन में हलचल

सूत्रों के अनुसार, डीएम मेधा रूपम ने स्पष्ट किया है कि प्रशासन में निष्पक्षता, कार्यक्षमता और समयबद्ध जवाबदेही उनकी प्राथमिकता होगी। अरविंद कुमार की जगह अब सत्येंद्र कुमार को नए असलाह बाबू के रूप में नियुक्त कर दिया गया है। यह बदलाव न केवल एक प्रशासनिक निर्णय है, बल्कि यह जिले में नई कार्यशैली और बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। जैसे ही यह निर्णय सामने आया, प्रशासनिक में हलचल मच गई। कई अधिकारियों को जिलाधिकारी की यह स्पष्ट और कड़े फैसले वाली शैली चौंकाने वाली लगी, वहीं कुछ ने इसे सकारात्मक पहल बताते हुए स्वागत किया है। प्रत्यक्षदर्शियों और कर्मचारियों का कहना है कि जिलाधिकारी का यह एक्शन कार्यस्थल पर अनुशासन और निष्पक्षता की भावना को और मजबूत करेगा।

जमे अधिकारियों की जवाबदेही तय

स्थानीय नागरिकों ने भी इस फैसले को सराहा है। लोगों का मानना है कि वर्षों से जमे अधिकारियों की जवाबदेही तय करना जरूरी था, और यह कदम बाकी अधिकारियों के लिए भी एक स्पष्ट संकेत है कि अब लापरवाही या मनमानी नहीं चलेगी।उच्च पदस्थ अधिकारियों का भी मानना है कि जिलाधिकारी मेधा रूपम की यह पहल भविष्य में व्यवस्था में सुधार, कामकाज में पारदर्शिता और जनहित को प्राथमिकता देने वाले निर्णयों की एक कड़ी बन सकती है। पूर्व असलाह बाबू अरविंद कुमार के कार्यकाल की समीक्षा को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है, और संभावना है कि आने वाले समय में उनके पुराने कार्यों की जांच हो सकती है।

गौर करने वाली खबर

कुल मिलाकर, जिलाधिकारी मेधा रूपम ने अपने पहले ही कदम से यह संकेत दे दिया है कि गौतमबुद्धनगर में अब नए प्रशासनिक दौर की शुरुआत हो चुकी है — जहां जवाबदेही, ईमानदारी और निष्पक्षता सर्वोच्च प्राथमिकता होंगी।

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Jyoti Karki

ज्योति कार्की एक युवा पत्रकार हैं जो स्वास्थ्य, महिला और बाल कल्याण की खबरों में विशेषज्ञता रखती हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की शिक्षा प्राप्त करने के बाद, उन्होंने मीडिया जगत में अपना कदम रखा है। ज्योति ने हिंदुस्तान, एनडीटीवी और इंडिया टीवी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों से इंटर्नशिप की है। इसके अतिरिक्त, नोएडा में लोकल रिपोर्टिंग का अनुभव प्राप्त करके उन्होंने जमीनी स्तर की पत्रकारिता की बारीकियों को समझा है।वर्तमान में ज्योति न्यूज इंडिया के साथ रिपोर्टर और कंटेंट क्रिएटर के रूप में कार्यरत हैं। शिक्षा के प्रति उनका जुनून निरंतर बना रहता है और वे डेवलपमेंट जर्नलिज्म में पोस्ट ग्रेजुएशन कर रही हैं। ज्योति डिजिटल मीडिया में भी सक्रिय हैं। वे पॉडकास्ट और वीडियो इंटरव्यू का निर्माण भी करती हैं।

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