JPSC Exam Cancelled Jharkhand: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं और नियुक्तियों को लेकर चल रहे विवाद के बीच राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए 14वीं JPSC परीक्षा को रद्द करने का ऐलान किया है। पिछले कई दिनों से छात्र संगठन परीक्षा में कथित अनियमितताओं और भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर आंदोलन कर रहे थे। इसी पृष्ठभूमि में सरकार ने रविवार शाम प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। सरकार ने छात्रों से अपील की कि वे प्रस्तावित आंदोलन को स्थगित करें, क्योंकि उनकी कई मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाया जा चुका है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सरकार की ओर से कहा गया कि भविष्य में होने वाली सभी प्रतियोगी परीक्षाओं को अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए नई व्यवस्था लागू की जाएगी। परीक्षा संचालन से जुड़ी मानक प्रक्रिया (SOP) में बदलाव किए जाएंगे और शिकायतों के समाधान के लिए नया ईमेल आईडी भी जारी किया जाएगा। सरकार का दावा है कि इन सुधारों का उद्देश्य परीक्षाओं में पारदर्शिता बढ़ाना और अभ्यर्थियों का विश्वास मजबूत करना है।
जहां JPSC परीक्षा को लेकर सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है, वहीं JSSC और CGL परीक्षा को लेकर विवाद पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। छात्रों का एक वर्ग अब भी भर्ती प्रक्रिया की जांच और कुछ परीक्षाओं को रद्द करने की मांग कर रहा है। सरकार की ओर से कहा गया कि CGL परीक्षा से संबंधित नियुक्तियां न्यायालय के आदेशों के बाद की गई हैं। हालांकि, यदि किसी स्तर पर अनियमितता के प्रमाण सामने आते हैं तो आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने भी इस मुद्दे पर राज्य सरकार को घेरा है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि छात्रों की ओर से लगातार परीक्षा रद्द करने और केंद्रीय जांच एजेंसी से जांच की मांग की जा रही है, तो सरकार को इससे परहेज क्यों है। उनके बयान के बाद परीक्षा विवाद ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है और विपक्ष लगातार सरकार पर दबाव बना रहा है।
छात्र आंदोलन और बढ़ते विवाद के बीच JPSC के तीन सदस्यों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। अजीता भट्टाचार्य, जमील अहमद और अनिमा हांसदा के इस्तीफे को इस पूरे मामले में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। इन इस्तीफों के बाद आयोग की कार्यप्रणाली और निर्णय प्रक्रिया को लेकर भी कई सवाल उठने लगे हैं।
फिलहाल छात्र संगठन सरकार की घोषणाओं का अध्ययन कर रहे हैं। कई संगठनों ने कहा है कि जब तक सभी प्रमुख मांगों पर स्पष्ट निर्णय नहीं होता, तब तक आंदोलन की रणनीति पर विचार जारी रहेगा।
झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को लेकर चल रहा विवाद अब केवल छात्रों के आंदोलन तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह प्रशासनिक और राजनीतिक मुद्दा भी बन चुका है। JPSC परीक्षा रद्द करने के फैसले से सरकार ने छात्रों को राहत देने की कोशिश की है, लेकिन JSSC और अन्य भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर सवाल अभी भी बने हुए हैं। आने वाले दिनों में सरकार और छात्र संगठनों के बीच होने वाली बातचीत इस पूरे विवाद की दिशा तय कर सकती है।
ये भी पढ़ें: https://newsindia24x7.tv/samay-raina-donates-10-lakh-assam-flood-relief/
Kanpur Businessman Murder: कानपुर के फार्मा कारोबारी विनीत मनोचा की हत्या के मामले में पुलिस…
SIR Priyanka Gandhi Statement: कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने SIR को लेकर मुख्य चुनाव…
Greater Noida Bus Fire: ग्रेटर नोएडा के यमुना एक्सप्रेसवे पर बुधवार देर रात दिल्ली से…
Pakistan Afghanistan Conflict: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ…
Samastipur: बिहार में जमुई की घटना के कुछ ही दिनों बाद समस्तीपुर से भी युवती…
Trump White House Media Ban: अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के CNN, MS NOW और…