झारखंड

बिना ब्लैक बॉक्स कैसे उड़ा विमान, 4 साल से क्यों था बंद? झारखंड प्लेन क्रैश का जानिए पूरा सच

Jharkhand Plane Crash: झारखंड में हुए भीषण एयर एम्बुलेंस क्रैश को लेकर जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, हादसे से जुड़े कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। चतरा ज़िले में सोमवार रात गिरी एयर एम्बुलेंस में सवार सभी सात लोगों की मौत ने पूरे देश को झकझोर दिया है, लेकिन अब सबसे बड़ा सवाल यह है आख़िर विमान गिरा क्यों?

जांच एजेंसियों के सामने चुनौती

जांच से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक, इस बदकिस्मत एयर एम्बुलेंस में ब्लैक बॉक्स मौजूद ही नहीं था। विमान का वज़न 5,700 किलोग्राम से कम होने के कारण सिविल एविएशन नियमों के तहत CVR या FDR अनिवार्य नहीं था। इसका सीधा असर जांच पर पड़ रहा है। अब जांच एजेंसियां DGCA और AAIB एयर ट्रैफिक कंट्रोल रिकॉर्ड, मलबे की फॉरेंसिक जांच और चश्मदीदों के बयानों के सहारे हादसे की कड़ियां जोड़ने की कोशिश कर रही हैं।

उसी रूट पर पहले भी मौसम की चेतावनी

हादसे वाले रूट पर खराब मौसम पहले भी विमानों के लिए खतरा बन चुका है। Air India और IndiGo की उड़ानों ने इसी क्षेत्र में आंधी-तूफान और खराब विज़िबिलिटी की रिपोर्ट दी थी और रास्ता बदलने की अनुमति मांगी थी। जानकारी के अनुसार, क्रैश से ठीक पहले एयर एम्बुलेंस ने भी मौसम के चलते रूट बदलने की रिक्वेस्ट की थी। फर्क सिर्फ इतना था कि जहां दूसरी फ्लाइट्स ने बाईं ओर मोड़ मांगा, वहीं इस विमान ने दाईं ओर मोड़ की अनुमति चाही।

चार साल तक उड़ान से बाहर रहा विमान

हादसे में शामिल विमान Beechcraft C90 King Air था, जो 2018 से 2022 तक उड़ान में नहीं रहा। इसे दिल्ली स्थित Redbird Airways Private Limited संचालित कर रही थी। लंबे समय तक उपयोग में न रहने के बाद विमान की तकनीकी स्थिति भी जांच के घेरे में है।

मरीज़ के परिवार का दर्द

इस हादसे में जान गंवाने वाले 41 वर्षीय मरीज़ संजय कुमार के परिवार ने मुआवज़े और न्याय की मांग तेज़ कर दी है। परिजनों का कहना है कि इलाज के दौरान हालत बिगड़ने पर डॉक्टरों ने हवाई ट्रांसफर की सलाह दी। परिवार के मुताबिक, एयर एम्बुलेंस की व्यवस्था में करीब ₹8 लाख खर्च हुए, लेकिन इसके बावजूद जान नहीं बच पाई। रिश्तेदारों ने आरोप लगाया कि ऑपरेटर की प्राथमिकता मरीज़ नहीं, बल्कि पैसे थे।

कैसे हुआ हादसा

यह मेडिकल इवैक्युएशन फ्लाइट Ranchi से Delhi जा रही थी, तभी Chatra के कसारिया इलाके में विमान क्रैश हो गया। विमान में मरीज़, एक डॉक्टर, एक पैरामेडिक, दो अटेंडेंट और दो पायलट सवार थे कोई भी ज़िंदा नहीं बचा।

अब भी कई सवाल बाकी

• क्या सिर्फ खराब मौसम हादसे की वजह बना?
• क्या पुराने और लंबे समय तक निष्क्रिय रहे विमान की भूमिका थी?
• या फिर ब्लैक बॉक्स की गैरमौजूदगी सच्चाई तक पहुंचने में सबसे बड़ी बाधा बनेगी?

इन सभी सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे, लेकिन फिलहाल झारखंड का यह प्लेन क्रैश सुरक्षा, नियमों और जवाबदेही पर एक बड़ा सवाल खड़ा कर चुका है।

ये भी पढ़ें: दिल्ल में शख्स ने की पत्नी और 3 बच्चों की गला काटकर हत्या, पुलिस ने घर को सील कर जांच शुरू की

Shagun Chaurasia

Recent Posts

IIT बॉम्बे छात्र की मौत के बाद माता-पिता का अनशन, ‘प्रताड़ित करने वालों’ पर कार्रवाई की मांग

IIT Bombay Student Death: IIT बॉम्बे के 20 वर्षीय BTech छात्र के माता-पिता ने मुंबई…

3 hours ago

‘वोट चोरी’ से होती है ‘कानून चोरी’: राहुल गांधी बोले- सांसदों के बनाए कानून भी अवैध

Rahul Gandhi Vote Chori Allegation: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को मुख्य…

4 hours ago

AI की रफ्तार बढ़ी तो बढ़ेगा ई-कचरा, 2050 तक हर साल 6.1 करोड़ टन तक निकल सकता है वेस्ट

AI E-Waste: दुनिया में AI का इस्तेमाल बढ़ने के साथ डेटा सेंटर और कंप्यूटिंग मशीनों…

5 hours ago

मेरठ सेंट्रल मार्केट के 650 व्यापारियों को राहत, सरकार लाएगी विशेष पुनर्वास नीति

Meerut: मेरठ के शास्त्रीनगर स्थित सेंट्रल मार्केट के ध्वस्तीकरण से प्रभावित करीब 650 व्यापारियों को…

5 hours ago

गोवा में वोटर डिलीट करने के बाद नाम नहीं हो सका बहाल; EC ने Form 7 का दिया हवाला

ECINet Voter Deletion Rollback: चुनाव आयोग ने India Today को बताया कि ECINet सिस्टम में…

6 hours ago

‘देशभर में होगा प्रदर्शन’: CJP ने CEC ज्ञानेश कुमार से 48 घंटे में की इस्तीफे की मांग

CJP Gyanesh Kumar Resignation Demand: नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर Cockroach Janta Party (CJP)…

6 hours ago