Thursday, Sep 03

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राखी बांधने के बाद 17 साल के छात्र ने उठाया खौफनाक कदम, ऑनलाइन गेमिंग में हारे थे पैसे

Maharashtra Teen Online Gaming Death: महाराष्ट्र में रक्षाबंधन के दिन एक 17 वर्षीय छात्र की मौत का मामला सामने आया है। कक्षा 11 में पढ़ने वाला यह किशोर कथित तौर पर ऑनलाइन गेमिंग में पैसे हारने के बाद परेशान था। घटना से पहले उसने अपनी बहन और एक दोस्त को भावुक संदेश भेजे थे। मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

बहन से राखी बंधवाकर घर लौटा था

मृतक की पहचान रोहित साहेबराव धनगर के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक, रोहित रक्षाबंधन पर अपने पिता के साथ बहन के घर गया था। वहां उसने बहन से राखी बंधवाई और त्योहार मनाने के बाद पिता के साथ बाइक से घर लौट आया। घर पहुंचने के बाद उसने सोशल मीडिया पर बहन के साथ एक पोस्ट साझा की। इसमें उसने परिवार का ध्यान रखने की बात कही। इसके अलावा उसने अपने एक दोस्त को वीडियो संदेश भी भेजा था।

गेमिंग में पैसे हारने की बात कही

शुरुआती जानकारी के अनुसार, रोहित ने दोस्त को भेजे संदेश में ऑनलाइन गेमिंग में काफी पैसे गंवाने की बात कही थी। संदेश मिलने के बाद दोस्त और कुछ अन्य लोग उसके घर पहुंचे, लेकिन तब तक उसकी हालत गंभीर हो चुकी थी। परिजन उसे तुरंत सरकारी अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

सोशल मीडिया गतिविधियों की जांच कर रही पुलिस

पुलिस मामले की जांच के दौरान रोहित के सोशल मीडिया अकाउंट, संदेशों और अन्य गतिविधियों को खंगाल रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ऑनलाइन गेमिंग में पैसों के नुकसान के अलावा उसके तनाव की कोई दूसरी वजह भी थी या नहीं। घटना के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों का कहना है कि अगर रोहित ने समय रहते उन्हें अपनी परेशानी बताई होती, तो वे उसकी मदद करने की कोशिश जरूर करते।

बच्चों पर ऑनलाइन गेमिंग के असर को लेकर चिंता

ऑनलाइन गेमिंग को लेकर बच्चों और किशोरों में बढ़ती निर्भरता विशेषज्ञों के लिए चिंता का विषय रही है। खासतौर पर पैसों से जुड़े गेम और गेमिंग में आर्थिक नुकसान मानसिक तनाव बढ़ा सकते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने गेमिंग डिसऑर्डर को एक स्वास्थ्य संबंधी स्थिति के रूप में वर्गीकृत किया है। ऐसे में माता-पिता को बच्चों के गेमिंग व्यवहार, अचानक होने वाले व्यवहार परिवर्तन और आर्थिक लेनदेन पर नजर रखनी चाहिए। अगर कोई बच्चा या किशोर लगातार तनाव, निराशा या खुद को नुकसान पहुंचाने की बात करे, तो उसे अकेला न छोड़ें और तुरंत परिवार के भरोसेमंद व्यक्ति तथा मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से मदद लें। आपात स्थिति में स्थानीय आपातकालीन सेवा से संपर्क करना जरूरी है।

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