Bihar: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है। मुंबई में सऊदी अरब भेजी जा रही मक्के की खेप से 55.860 किलोग्राम मिथाइल एम्फेटामाइन (मेथ) बरामद होने के बाद जांच की कड़ी मुजफ्फरपुर के बोचहां तक पहुंची है। इस मामले में डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। DRI के मुताबिक, बोचहां के उनसर गांव निवासी मोहम्मद बशीर हवारी उर्फ फरहान को 17 सितंबर को गिरफ्तार किया गया। उसे स्थानीय CJM कोर्ट में पेश किया गया, जहां से DRI को 48 घंटे की ट्रांजिट रिमांड मिली। इसके बाद टीम आरोपी को मुंबई ले गई। उसे महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के उरण स्थित न्यायालय में पेश किया जाना है।
मामला 16 अगस्त 2026 का बताया जा रहा है। मुंबई के न्हावा शेवा स्थित कंटेनर फ्रेट स्टेशन पर विदेश भेजी जा रही एक एक्सपोर्ट खेप की जांच के दौरान अधिकारियों को मक्के के दानों के बीच सफेद रंग का क्रिस्टलीय पदार्थ मिला। जांच में इस पदार्थ की पहचान मिथाइल एम्फेटामाइन यानी मेथ के रूप में हुई। करीब 22 टन मक्के की इस खेप को सऊदी अरब भेजे जाने की तैयारी थी। इसके बाद DRI ने कंसाइनमेंट से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच शुरू की।
जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि मक्के की खरीद, उसके भंडारण और कंटेनर में लोडिंग की प्रक्रिया में कौन-कौन लोग शामिल थे। DRI के अनुसार, बशीर की भूमिका भी इन्हीं गतिविधियों से जुड़ी होने की जांच की जा रही है। जांच में एक अफगानी नागरिक, जिसे 'हाजी' के नाम से बताया गया है, और आशीष पाल के साथ बशीर के कथित संपर्कों की भी पड़ताल की जा रही है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस पूरी खेप के पीछे कौन लोग हैं और इसका अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क कहां तक फैला है।
बशीर की पत्नी मदीना खातून ने मामले में किसी भी तरह की जानकारी होने से इनकार किया है। उनका कहना है कि बशीर पिछले करीब एक साल से घर पर रहकर गाड़ियों की खरीद-बिक्री और उन्हें किराये पर चलाने का काम कर रहे थे। परिवार के मुताबिक, किसी परिचित के कहने पर मक्का बाहर भेजने की बात हुई थी। उन्हें यह जानकारी नहीं थी कि मक्के की खेप में नशीला पदार्थ भी छिपाया गया है। परिवार ने मोबाइल और संपर्कों की जांच कर मामले की सच्चाई सामने लाने की मांग की है।
मिथाइल एम्फेटामाइन को आमतौर पर मेथ या क्रिस्टल मेथ कहा जाता है। यह एक शक्तिशाली सिंथेटिक ड्रग है, जो केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है और अत्यधिक नशे की लत पैदा कर सकता है। फिलहाल DRI की जांच इस बात पर केंद्रित है कि इतनी बड़ी मात्रा में मेथ मक्के की खेप तक कैसे पहुंची, इसे किसने पैक किया और इस मामले में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। जांच आगे बढ़ने के साथ इस कथित अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क से जुड़े और नाम सामने आने की संभावना है।
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