Moscow Drone Attack: रूस में संसदीय चुनाव के तीसरे और आखिरी दिन मॉस्को में ड्रोन हमले से हड़कंप मच गया। रूस ने हमले के लिए यूक्रेन को जिम्मेदार ठहराया है। मॉस्को की एक ऑयल रिफाइनरी को ड्रोन हमले में नुकसान पहुंचा और वहां आग लग गई। घटनास्थल से आग की लपटें और धुएं का गुबार दिखाई दिया, जबकि धमाकों की आवाज भी सुनी गई। शुरुआती रिपोर्टों में दो लोगों की मौत की बात सामने आई, हालांकि बाद की जानकारी में किसी के हताहत होने की पुष्टि नहीं हुई है।
मेयर ने रिफाइनरी को निशाना बनाए जाने की पुष्टि की
मॉस्को के मेयर सर्गेई सोब्यानिन ने रविवार को टेलीग्राम पर बताया कि ड्रोन ने शहर की ऑयल रिफाइनरी को निशाना बनाया। रूसी सरकारी समाचार एजेंसी TASS ने भी उनके हवाले से रिफाइनरी को हुए नुकसान की जानकारी दी। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में दूर आग जलती और आसमान में धुएं का गुबार उठता दिखाई दिया। समाचार एजेंसियों ने वीडियो की लोकेशन की पुष्टि की है।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा कि बीती रात मॉस्को क्षेत्र में यूक्रेन की लंबी दूरी की कार्रवाई का रूस पर बड़ा असर हुआ। उन्होंने दावा किया कि रूस के एक महत्वपूर्ण तेल उद्योग ठिकाने और लॉजिस्टिक्स सेंटर को निशाना बनाया गया। जेलेंस्की के मुताबिक, इन ठिकानों से रूस की युद्ध मशीन को अरबों डॉलर की मदद मिलती है।
उन्होंने बताया कि कार्रवाई में FP-1, RZ-100, MICH-2000, Palianytsia, Vendetta, Liutyi, Bars, Flamingo, Sichen और Pelican जैसे सिस्टम इस्तेमाल किए गए। जेलेंस्की ने यूक्रेन की सुरक्षा सेवा, मानव रहित सिस्टम बल, विशेष अभियान बल, रक्षा खुफिया और विदेश खुफिया सेवा के जवानों को धन्यवाद दिया। उन्होंने रूस के वोरोनिश क्षेत्र में एक ठिकाने पर प्रतिबंध लगाए जाने की भी जानकारी दी और मॉस्को से युद्ध खत्म कर शांति का रास्ता चुनने की अपील की।
चुनाव के आखिरी दिन हुआ हमला
यह हमला ऐसे समय हुआ है जब रूस में स्टेट ड्यूमा के चुनाव के लिए तीन दिवसीय मतदान का रविवार को आखिरी दिन है। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने चुनाव को यूक्रेन युद्ध के लिए जनता के समर्थन की परीक्षा के तौर पर पेश किया है। फरवरी 2022 में यूक्रेन पर रूस के पूर्ण सैन्य अभियान शुरू होने के बाद यह पहला संसदीय चुनाव है। क्रेमलिन नतीजों को अपनी नीतियों और युद्ध के समर्थन के तौर पर पेश कर सकता है। सत्ताधारी यूनाइटेड रशिया के चुनाव में अपना दबदबा बनाए रखने की उम्मीद है।
रूस ने यूक्रेन पर लगाया चुनाव में दखल का आरोप
रूस पहले भी यूक्रेन पर ड्रोन हमलों के आरोप लगाता रहा है। पुतिन ने शुक्रवार को यूक्रेन पर चुनाव में दखल देने की कोशिश का आरोप लगाया था और रूस के कब्जे वाले जापोरिज्जिया क्षेत्र में चुनाव अधिकारी एलेना अस्तानिना के घर पर हुए हमले का जिक्र किया था। रूस के मुताबिक, इसमें उनकी मौत हुई। यूक्रेन ने रूस के चुनाव को खारिज करते हुए इसे दिखावटी चुनाव बताया है। वहीं, यूक्रेन में मार्शल लॉ के चलते चुनाव स्थगित हैं।
रूसी चुनाव अधिकारियों ने शनिवार को मॉस्को की ऑनलाइन वोटिंग प्रणाली पर साइबर हमले की कोशिश की जानकारी भी दी। चुनाव के दौरान सुरक्षा कड़ी रखी गई है। रूसी सरकार का कहना है कि पश्चिम के साथ मौजूदा टकराव के बीच राष्ट्रीय एकता जरूरी है और वह यूक्रेन में सैन्य कार्रवाई को पश्चिम के साथ व्यापक संघर्ष का हिस्सा बताती रही है।
युद्ध और आर्थिक दबाव का असर?
रूस में चुनाव परिणाम काफी हद तक तय माने जा रहे हैं, लेकिन कुछ विशेषज्ञों के अनुसार युद्ध और आर्थिक दबाव से पैदा हुई थकान कुछ विपक्षी दलों को प्रभावित कर सकती है। बर्लिन स्थित नेस्ट थिंक टैंक ने कहा कि चुनाव में कुछ ऐसे परिणाम सामने आ सकते हैं, जो क्रेमलिन के लिए असहज स्थिति पैदा करें। अधिकांश युद्ध-विरोधी उम्मीदवारों को चुनाव लड़ने की अनुमति नहीं मिली है, जबकि कुछ उदारवादी उम्मीदवारों ने युद्ध को लेकर चिंता जताई है। सेना को बदनाम करने या अधिकारियों के अनुसार फर्जी खबर फैलाने पर रूस में कड़ी सजा का प्रावधान है।
मॉस्को की रिफाइनरी पर हमला चुनाव के आखिरी दिन की प्रमुख घटनाओं में शामिल हो गया है। फिलहाल नुकसान का पूरा आकलन किया जा रहा है और हमले के जिम्मेदार पक्ष को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है।
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