MP: मध्य प्रदेश के धार जिले के टाणा गांव में सरकारी प्राथमिक स्कूल की बदहाल स्थिति सामने आई है। कुक्षी विधानसभा क्षेत्र के इस स्कूल में 22 बच्चों को नए बने बालिका शौचालय के अंदर बैठाकर पढ़ाने की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। इसके बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया।
स्कूल का पुराना भवन बेहद जर्जर है और उसकी छत गिरने का खतरा बताया जा रहा है। बच्चों के लिए सुरक्षित कक्षा उपलब्ध नहीं होने के कारण कभी उन्हें भिलट देव मंदिर तो कभी स्कूल परिसर के शौचालय में बैठाकर पढ़ाया जा रहा था। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में स्कूल के लिए फिलहाल कोई उचित भवन उपलब्ध नहीं है।
अधिकारियों ने पहुंचकर बनाया पंचनामा
तस्वीर सामने आने के बाद ब्लॉक शिक्षा अधिकारी हीरालाल निगवाल और बीआरसी विजय कुमार शुक्ला स्कूल पहुंचे। अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया और पंचनामा तैयार कराया। जांच रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को भेजी जाएगी। ग्रामीण राधेश्याम मुजाल्दा ने बताया कि करीब छह महीने पहले नया शौचालय बनाया गया था, लेकिन उसका नियमित इस्तेमाल शुरू नहीं हुआ था। इसलिए बच्चों को वहां बैठाया जा रहा था। उनका कहना है कि अगर शौचालय का इस्तेमाल शुरू हो जाता तो बच्चों के बैठने की जगह भी नहीं रहती।
दो साल पहले भवन हटाने का आदेश
बीईओ हीरालाल निगवाल ने बताया कि जर्जर भवन को करीब दो-तीन साल पहले हटाने का आदेश जिला कार्यालय से जारी हुआ था। बीआरसी के इंजीनियर ने भवन का आकलन कर रिपोर्ट जिला कार्यालय भेजी थी। सरपंच और सचिव को भी तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। बीईओ के अनुसार, घटना वाले दिन स्कूल संस्था प्रमुख और शिक्षक ने तेज धूप का हवाला दिया। उनका कहना था कि मंदिर के हॉल में धूप आने के कारण 7-8 बच्चों को कुछ समय के लिए शौचालय में बैठाया गया। हालांकि, निगवाल ने स्पष्ट किया कि बच्चों को इस तरह बैठाना गलत है।
नया भवन अधूरा, मंदिर में चल रही पढ़ाई
बीआरसी विजय कुमार शुक्ला ने बताया कि निरीक्षण के दौरान बच्चे मंदिर के हॉल में पढ़ते मिले। पुराने भवन को हटाने के बाद गांव में नया प्राथमिक स्कूल भवन बनाया जा रहा है, लेकिन निर्माण अभी पूरा नहीं हुआ है। भवन तैयार होते ही बच्चों को वहां शिफ्ट किया जाएगा। फिलहाल श्री जितेंद्र मंडल की सहमति से उनके यहां स्कूल चलाने की व्यवस्था की गई है, ताकि पढ़ाई जारी रहे।
बच्चों ने बताई जीप की कहानी
बीआरसी ने बताया कि बच्चों से पूछताछ में उन्होंने कहा कि एक जीप आई थी, जिसमें दो लोग सवार थे। उन्होंने बच्चों को शौचालय में बैठाया, दरवाजा खोला और फोटो खींचकर चले गए। बीआरसी के मुताबिक, फिलहाल उन्हें इतनी ही जानकारी मिली है। विभागीय जांच जारी है और अधिकारियों की रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को भेजी जाएगी। तब तक बच्चों की पढ़ाई मंदिर और अन्य वैकल्पिक स्थानों पर जारी रहेगी।
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