बिहार

Chhath Puja 2025 : पटना में छठ महापर्व की तैयारी तेज, 550 घाटों पर होगी विशेष व्यवस्था, दिशा-निर्देश जारी

Bihar News : बिहार में विधानसभा चुनाव की सरगर्मी के बीच राजधानी पटना में छठ महापर्व की तैयारियों ने रफ्तार पकड़ ली है। गुरुवार को पटना के जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम और वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक हुई, जिसमें छठ पर्व को लेकर व्यापक तैयारी की रूपरेखा तैयार की गई।

बैठक में जिले के तमाम विभागों – नगर निगम, जल संसाधन, आपदा प्रबंधन, अग्निशमन, पुलिस, विद्युत, भवन निर्माण एवं पथ निर्माण आदि के अधिकारियों ने भाग लिया। डीएम ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश दिया, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

550 घाटों पर होगी छठ पूजा

पटना जिले में गंगा और उसकी सहायक नदियों के कुल 550 घाटों पर छठ पर्व का आयोजन होता है। इनमें दानापुर से पटना सिटी तक 108 प्रमुख गंगा घाट शामिल हैं। इसके अतिरिक्त नगर निगम क्षेत्र में 45 पार्क और 63 तालाबों पर भी छठ पूजा होती है।

जिलाधिकारी ने बताया कि सभी घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था के तहत बैरिकेडिंग की जाएगी। खतरनाक घाटों को लाल कपड़े से चिन्हित कर घेरने का निर्देश दिया गया है, ताकि श्रद्धालु उन क्षेत्रों में न जाएं। घाटों पर बड़े-बड़े अक्षरों में उनका नाम अंकित करने को भी कहा गया है।

24×7 अलर्ट पर रहेंगी NDRF और SDRF की टीमें

एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें 24×7 मुस्तैद रहेंगी, ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।

सुविधाओं की होगी व्यापक व्यवस्था

डीएम ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि छठ व्रतियों और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसके अंतर्गत पहुंच पथ, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी, पुलिस एवं दंडाधिकारियों की तैनाती, अग्निशमन, आकस्मिक चिकित्सा, पब्लिक एड्रेस सिस्टम, वॉच टावर और नियंत्रण कक्ष की स्थापना शामिल है।

घाटों पर पर्याप्त संख्या में शौचालय, यूरिनल, स्वच्छ पेयजल, चेंजिंग रूम और यात्री शेड की व्यवस्था भी अनिवार्य रूप से की जाएगी। साथ ही, घाटों के आसपास वाहनों की पार्किंग व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने का निर्देश दिया गया है।

गंगा जलस्तर पर नजर, सभी घाटों की होगी भौगोलिक समीक्षा

बैठक में गंगा के जलस्तर को लेकर भी चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने बताया कि फिलहाल जलस्तर में कमी आई है, लेकिन लगातार निगरानी जरूरी है। घाटों की भौगोलिक स्थिति का आकलन कर सुरक्षा के सभी मानकों को लागू करने का निर्देश दिया गया है।

Kajal Sharma

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