पुणे के पेठ इलाके में FDA की कार्रवाई के दौरान भारी मात्रा में संदिग्ध पनीर और मावा जब्त किया गया।
महाराष्ट्र में त्योहारी सीजन के बीच खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) की कार्रवाई तेज हो गई है। पुणे में विभाग ने बड़ी छापेमारी करते हुए करीब 10 हजार किलोग्राम मिलावटी पनीर और 5 हजार किलोग्राम नकली मावा बरामद किया है।
कार्रवाई पुणे के पेठ इलाके में की गई। खाद्य विभाग के मुताबिक जब्त किए गए सामान की अनुमानित कीमत करीब 38 लाख रुपये है। शुरुआती जांच में पनीर तैयार करने के लिए पाम ऑयल के इस्तेमाल की बात सामने आई है।
अधिकारियों को आशंका है कि इस सामान की सप्लाई महाराष्ट्र के कई हिस्सों में की जा रही थी और इसका कनेक्शन कर्नाटक से भी हो सकता है। हालांकि सप्लाई नेटवर्क और माल के स्रोत की पूरी तस्वीर जांच और सैंपल की रिपोर्ट आने के बाद ही साफ होगी।
खाद्य विभाग की टीम ने शुक्रवार सुबह पुणे के पेठ इलाके में एक कारोबारी परिसर पर छापेमारी की। जांच के दौरान भारी मात्रा में पनीर और मावा बरामद हुआ।
अधिकारियों ने करीब 10 मीट्रिक टन यानी 10,000 किलो पनीर और लगभग 5,000 किलो मावा अपने कब्जे में लिया। इतनी बड़ी मात्रा में संदिग्ध खाद्य सामग्री मिलने के बाद विभाग ने मौके से सैंपल भी लिए हैं।
जब्त किए गए उत्पादों को फिलहाल विभाग ने अपने कब्जे में रखा है। जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन्हें नष्ट किए जाने की बात कही गई है।
FDA की शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार, बरामद पनीर को तैयार करने में पाम ऑयल का इस्तेमाल किए जाने की जानकारी सामने आई है। खाद्य विभाग अब सैंपल की वैज्ञानिक जांच करा रहा है।
जांच रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि उत्पादों में किन चीजों का इस्तेमाल किया गया था और वे खाद्य सुरक्षा मानकों पर कितने खरे उतरते हैं।
खाद्य विभाग को शक है कि बरामद पनीर और मावा की सप्लाई का नेटवर्क पुणे तक सीमित नहीं है। शुरुआती जानकारी के आधार पर कर्नाटक से महाराष्ट्र तक इसके सप्लाई लिंक की जांच की जा रही है।
अधिकारियों को यह भी आशंका है कि जब्त माल को महाराष्ट्र के दूसरे इलाकों में भेजा जाना था। ऐसे में जांच का दायरा सप्लायर से लेकर माल के स्रोत और संभावित खरीदारों तक बढ़ सकता है।
हालांकि कर्नाटक से माल आने और व्यापक नेटवर्क से जुड़े दावों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
खाद्य विभाग के अनुसार, छापेमारी में बरामद पनीर और मावा की कुल अनुमानित कीमत करीब 38 लाख रुपये है।
इतनी बड़ी मात्रा में संदिग्ध खाद्य सामग्री मिलने के बाद विभाग ने इसके नमूने जांच के लिए भेजे हैं। रिपोर्ट के आधार पर संबंधित लोगों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानून के तहत आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
त्योहारों के दौरान पनीर, मावा और दूध से बने दूसरे उत्पादों की मांग काफी बढ़ जाती है। इसी वजह से मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री रोकने के लिए खाद्य विभाग की निगरानी भी बढ़ाई गई है।
महाराष्ट्र में खाद्य विभाग के कमिश्नर तुकाराम मुंडे के नेतृत्व में अलग-अलग इलाकों में खाद्य पदार्थों की जांच और छापेमारी की जा रही है। कई जगहों पर खाद्य मानकों में कमी मिलने के बाद कार्रवाई की गई है।
पुणे की यह कार्रवाई भी इसी अभियान का हिस्सा बताई जा रही है। अब सैंपल रिपोर्ट और सप्लाई नेटवर्क की जांच से यह पता चलेगा कि इस मामले में कितने लोग और कारोबारी जुड़े हुए हैं।
FDA की जांच फिलहाल जारी है। बरामद पनीर और मावा के सैंपल की रिपोर्ट आने के बाद उत्पादों की वास्तविक गुणवत्ता और उनमें इस्तेमाल सामग्री को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी।
अगर जांच में खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन साबित होता है, तो संबंधित सप्लायर और अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। साथ ही अगर कर्नाटक से महाराष्ट्र तक किसी बड़े सप्लाई नेटवर्क की पुष्टि होती है, तो जांच का दायरा और बढ़ सकता है।
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