Ajit Pawar Plane Crash
Ajit Pawar Plane Crash: महाराष्ट्र के पूर्व डिप्टी चीफ मिनिस्टर अजीत पवार के भतीजे रोहित पवार ने अपने चाचा के विमान हादसे की जांच को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं और केंद्रीय सिविल एविएशन मिनिस्टर राम मोहन नायडू से इस्तीफा देने की मांग की है। यह कदम उन्होंने संभावित हितों के टकराव और जांच में गड़बड़ियों की आशंका जताते हुए उठाया।
रोहित पवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेटर लिखकर कहा कि जांच पूरी होने तक केंद्रीय मंत्री को पद से हटाया जाना चाहिए। पत्र की एक कॉपी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को भी भेजी गई, जिसमें वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों से जनता का भरोसा बनाए रखने और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की अपील की गई है।
पवार ने कहा कि हादसे में एयरक्राफ्ट ऑपरेटर VSR वेंचर्स से जुड़े कथित राजनीतिक और वित्तीय कनेक्शन जांच की निष्पक्षता प्रभावित कर सकते हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उनका दावा यह नहीं है कि यही लिंक हादसे की वजह थे, लेकिन संभावित हितों का टकराव जांच में बाधा डाल सकता है।
विमान हादसा 28 जनवरी को पुणे जिले के बारामती एयरपोर्ट के पास हुआ, जिसमें अजीत पवार और चार अन्य लोग मारे गए। पवार ने बताया कि डिजिटल फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर से डेटा सफलतापूर्वक डाउनलोड हुआ, लेकिन कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर थर्मल डैमेज के कारण काम नहीं कर सका। उन्होंने सवाल उठाया कि कैसे एक डिवाइस सुरक्षित रहा जबकि दूसरा खराब हो गया।
2 फरवरी को बनाए गए विशेष ऑडिट पैनल की बनावट और प्रगति पर भी उन्होंने आपत्ति जताई। पवार के अनुसार, पैनल में केवल दो पायलट शामिल थे, जिनमें से कोई भी लियरजेट 45 पर टाइप-रेटेड नहीं था। रिपोर्ट 15 फरवरी तक आने वाली थी, लेकिन अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई।
रोहित पवार ने पायलट प्रशिक्षण और एयरक्राफ्ट ऑपरेशन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि अन्य एयरक्राफ्ट के पायलटों को लियरजेट्स उड़ाने की अनुमति दी गई, ब्रेथ एनालाइजर टेस्टिंग में गड़बड़ी हुई और स्टाफ के व्यवहार पर शिकायतें दर्ज थीं। उन्होंने एयरक्राफ्ट इंजन की स्थिति पर भी चिंता जताई, बताया कि ओवरहॉल की जरूरत के बावजूद इंजन में केवल 85 घंटे बची थी और संभवत: फ्लाइट घंटे कम रिकॉर्ड किए गए।
पवार ने इंश्योरेंस की भी जांच करने की आवश्यकता बताई। विमान की कीमत लगभग 35 करोड़ रुपये थी, लेकिन इसका इंश्योरेंस 55 करोड़ रुपये का किया गया था, जिसमें 210 करोड़ रुपये का अतिरिक्त कवरेज शामिल था।
रोहित पवार ने मांग की कि एक नई, स्वतंत्र कमेटी बनाई जाए जिसमें रिटायर्ड अधिकारी, एक पूर्व जज, विपक्ष के प्रतिनिधि और अजीत पवार के परिवार के सदस्य शामिल हों। उनका उद्देश्य जांच की पारदर्शिता सुनिश्चित करना और जनता का भरोसा फिर से कायम करना है।
सिविल एविएशन मंत्रालय ने कहा कि जांच पारदर्शिता और पेशेवर ईमानदारी के साथ जारी है। इस हादसे के बाद परिवार, राजनीतिक हस्तियां और आम जनता निष्पक्ष और पूर्ण जांच की मांग कर रही हैं।
ये भी पढ़ें: भागकर शादी करने वालों के लिए गुजरात में सख्त नियम प्रस्तावित, माता-पिता को मिलेगी ऑफिशियल सूचना
IIT Bombay Student Death: IIT बॉम्बे के 20 वर्षीय BTech छात्र के माता-पिता ने मुंबई…
Rahul Gandhi Vote Chori Allegation: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को मुख्य…
AI E-Waste: दुनिया में AI का इस्तेमाल बढ़ने के साथ डेटा सेंटर और कंप्यूटिंग मशीनों…
Meerut: मेरठ के शास्त्रीनगर स्थित सेंट्रल मार्केट के ध्वस्तीकरण से प्रभावित करीब 650 व्यापारियों को…
ECINet Voter Deletion Rollback: चुनाव आयोग ने India Today को बताया कि ECINet सिस्टम में…
CJP Gyanesh Kumar Resignation Demand: नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर Cockroach Janta Party (CJP)…