Monday, Sep 14

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2021 हिंसा में मारे BJP कार्यकर्ता का 4 साल बाद निकला कंकाल, पोस्टमार्टम से खुलेगा मौत का सच

Sandeshkhali: पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के संदेशखाली में 2021 विधानसभा चुनाव के बाद हुई हिंसा में मारे गए बीजेपी कार्यकर्ता आस्तिक चंद्र दास के कंकाल अवशेष कब्र से बाहर निकाले गए हैं। इन अवशेषों को पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच के लिए अस्पताल भेजा गया है, ताकि उनकी मौत की वजह का पता लगाया जा सके।

अदालत के आदेश पर निकाले गए अवशेष

संदेशखाली के झांझनिया गांव के रहने वाले आस्तिक चंद्र दास की चुनाव बाद हिंसा में मौत हुई थी। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक, अदालत के आदेश पर मजिस्ट्रेट और मृतक के परिजनों की मौजूदगी में कंकाल निकाला गया। पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग भी कराई गई।

TMC समर्थकों पर हमले का आरोप

पुलिस के अनुसार, 2021 चुनाव परिणाम वाले दिन तृणमूल कांग्रेस समर्थकों ने विजय जुलूस निकाला था। आरोप है कि इसी दौरान आस्तिक चंद्र दास पर हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। उनके बेटे सुब्रत दास का आरोप है कि हमले के बाद पिता को अस्पताल ले जाने से रोका गया, जिसके चलते उन्होंने घर में ही दम तोड़ दिया। परिवार का दावा है कि बाद में घर के बाहर पुलिस तैनात कर दी गई और बिना पोस्टमार्टम शव दफनाने के लिए मजबूर किया गया।

BJP ने बताया 2021 हिंसा का सबूत

राज्य में प्रशासनिक बदलाव के बाद परिवार ने अदालत का रुख किया, जिसके बाद यह आदेश आया। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने इसे 2021 के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं पर हुए अत्याचारों का सबूत बताया। उन्होंने कहा कि तब पुलिस मूकदर्शक बनी रही, लेकिन उन्हें न्याय व्यवस्था पर भरोसा है और दोषियों को सजा मिलेगी। परिवार ने जरूरत पड़ने पर सीबीआई जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। घटना के बाद संदेशखाली में राजनीतिक हलचल फिर तेज हो गई है।

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