बिहार के सीतामढ़ी में शनिवार सुबह बड़ी वारदात हुई। जिला परिषद सदस्य खुशदिल देवी के पति और प्रतिनिधि बैद्यनाथ महतो की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वह सुबह मॉर्निंग वॉक के लिए निकले थे।
वारदात डुमरा थाना क्षेत्र के केथरिया-रामपट्टी इलाके में पथरिया श्मशान घाट के पास हुई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, बाइक सवार हमलावरों ने बैद्यनाथ महतो को निशाना बनाया और उन पर आठ गोलियां चलाईं। मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
मॉर्निंग वॉक के दौरान घात लगाकर हमला
बैद्यनाथ महतो रोज की तरह शनिवार सुबह घर से टहलने के लिए निकले थे। इसी दौरान दो बाइक से पहुंचे चार हमलावरों ने उन्हें घेर लिया।
हमले के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस अब हमलावरों की पहचान और हत्या की वजह का पता लगाने में जुटी है।
28 अगस्त को भी घर पर हुई थी फायरिंग
बैद्यनाथ महतो पर इससे पहले भी हमला हो चुका था। 28 अगस्त की रात उनके घर पर फायरिंग की गई थी।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, उस घटना के बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई थी। ग्रामीणों का आरोप था कि नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई। इसी को लेकर 7 सितंबर को बड़ी संख्या में लोग डुमरा थाने पहुंचे और पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन किया था।
परिजनों और समर्थकों का कहना था कि पिछली फायरिंग के बाद बैद्यनाथ महतो को लगातार खतरा था। इसके बावजूद आरोपियों पर कार्रवाई नहीं होने से लोगों में नाराजगी बढ़ती गई।
हत्या के बाद भड़की भीड़, पुलिस से झड़प
हत्या की खबर फैलते ही इलाके में तनाव बढ़ गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। लोगों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए विरोध शुरू कर दिया।
इस दौरान भीड़ और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। रिपोर्ट्स के अनुसार, पुलिस टीम पर हमला और पथराव भी किया गया। इंस्पेक्टर अनिल कुमार के घायल होने की सूचना है। एसपी अमित रंजन समेत वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे।
आरोपी के ठिकाने पर भीड़ का हमला
हंगामे के दौरान भीड़ ने एक कथित आरोपी के ठिकाने पर भी हमला किया। कुछ रिपोर्ट्स में आरोपी एजाज के मुर्गी फार्म में आग लगाए जाने की बात सामने आई है।
इसके अलावा पुलिस के वाहनों को भी नुकसान पहुंचाने की सूचना है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कई थानों की पुलिस को इलाके में तैनात किया गया है।
कई दिन से पुलिस कार्रवाई की मांग कर रहे थे ग्रामीण
इस हत्या के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि 28 अगस्त की फायरिंग के बाद ही आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए थी।
हत्या से कुछ दिन पहले भी ग्रामीणों ने डुमरा थाने का घेराव किया था। अब उसी मामले से जुड़े व्यक्ति की हत्या के बाद पुलिस पर दबाव और बढ़ गया है।
पुलिस ने शुरू की जांच
पुलिस ने घटनास्थल की जांच शुरू कर दी है। आसपास के इलाकों में संदिग्धों की तलाश की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हत्या के पीछे पुरानी रंजिश, आपसी विवाद या कोई अन्य वजह थी।
फिलहाल वारदात के बाद इलाके में तनाव बना हुआ है। वरिष्ठ अधिकारी मौके पर कैंप कर रहे हैं और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

