USA: भारतीय-अमेरिकी टेक विशेषज्ञ श्रीराम कृष्णन ने व्हाइट हाउस में अपने AI सलाहकार पद से इस्तीफा देने की घोषणा की है। उन्होंने पिछले 18 महीनों में अमेरिका की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस रणनीति को आकार देने में अहम भूमिका निभाई। अब वह कुछ समय के ब्रेक के बाद AI से जुड़ी नई चुनौतियों पर काम करने की योजना बना रहे हैं। कृष्णन को ट्रंप प्रशासन की AI नीति टीम का एक प्रमुख चेहरा माना जाता था।
भारतीय मूल के टेक्नोलॉजी इन्वेस्टर श्रीराम कृष्णन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन में AI नीति बनाने वाले प्रमुख चेहरों में से एक रहे। उन्हें 2024 में वरिष्ठ व्हाइट हाउस पॉलिसी एडवाइजर (AI) नियुक्त किया गया था और 20 जनवरी 2025 को ट्रंप के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत के साथ उन्होंने व्हाइट हाउस में कार्यभार संभाला। उनकी नियुक्ति का MAGA आंदोलन के कुछ सदस्यों ने विरोध किया था, जबकि ट्रंप समर्थक लॉरा लूमर ने इमिग्रेशन सुधारों पर उनके पुराने बयानों की आलोचना की थी। विवादों के बावजूद, चेन्नई में जन्मे कृष्णन ने अमेरिकी AI नीति को आकार देने में अहम भूमिका निभाई और सिलिकॉन वैली की मजबूत आवाज बने। उन्होंने SRM इंजीनियरिंग कॉलेज, चेन्नई से पढ़ाई की और माइक्रोसॉफ्ट, फेसबुक (Meta), ट्विटर (अब X) और स्नैप जैसी कंपनियों में काम किया। बाद में वे Andreessen Horowitz से जुड़े और एक प्रमुख निवेशक बने। उन्होंने एलन मस्क के ट्विटर अधिग्रहण के दौरान भी सलाहकार के रूप में काम किया। The Washington Post के अनुसार, वे उन सलाहकारों में शामिल थे जिन्होंने राज्यों की AI रेगुलेशन क्षमता सीमित करने वाले कार्यकारी आदेश को तैयार करने में भूमिका निभाई।
श्रीराम कृष्णन ने सोशल मीडिया पर अपने बयान में कहा कि वह कुछ समय का ब्रेक लेने के बाद अमेरिका और उसके सहयोगी देशों की AI से जुड़ी बड़ी चुनौतियों पर काम जारी रखेंगे। उन्होंने अपनी सेवा को “जीवन का सबसे बड़ा सम्मान” बताया और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व की सराहना की। उन्होंने कहा कि ट्रंप के नेतृत्व के बिना अमेरिका AI रेस में आगे नहीं होता।
अपने कार्यकाल के दौरान कृष्णन ने कई महत्वपूर्ण AI पहल में योगदान दिया, जिनमें शामिल हैं:
उन्होंने फ्रांस और भारत में हुए AI समिट्स तथा यूके और मिडिल ईस्ट की राजकीय यात्राओं में अमेरिका के AI हितों को आगे बढ़ाने में भूमिका निभाई।
कृष्णन ने कहा कि AI का तेजी से बदलता स्वरूप ऊर्जा, डेटा सेंटर और आम लोगों तक इसके लाभ पहुंचाने जैसी कई चुनौतियां पैदा कर रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में संस्थागत स्तर पर इन समस्याओं का समाधान जरूरी है।
व्हाइट हाउस के AI और क्रिप्टो सलाहकार डेविड सैक्स ने कृष्णन की भूमिका की सराहना की और कहा कि उनका योगदान बेहद महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने कहा कि कृष्णन भविष्य में बाहरी सलाहकार के रूप में काम जारी रखेंगे।
ट्रंप प्रशासन ने AI को अपनी तकनीकी और आर्थिक रणनीति का केंद्र बनाया है। सरकार का मानना है कि AI में नेतृत्व राष्ट्रीय सुरक्षा और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए बेहद जरूरी है। ऐसे में कृष्णन की भूमिका इस दिशा में काफी अहम मानी गई।
ये भी पढ़े: गिर के जंगलो में 8 शेर शावकों की मौत, गर्मी बनी वजह
Silver Price Today: चांदी की कीमतों में आज नरमी देखने को मिली है। भारत में…
Vande Bharat Chair Car: वंदे भारत ट्रेन के नए चेयर कार रेक ने हाई-स्पीड ट्रायल…
jamshedpur Marine Drive Accident: झारखंड के जमशेदपुर में गुरुवार तड़के रफ्तार का कहर देखने को…
IPL 2027 Auction: आईपीएल 2027 की नीलामी को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। भारतीय…
India Pakistan Conflict: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत और पाकिस्तान के बीच विवाद…
Asian Games 2026 India Rowing: भारत के लिए एशियन गेम्स 2026 में छठे दिन मेडल…