UPI Transaction Charges: त्योहारी सीजन में यूपीआई से पेमेंट करने वालों और कारोबारियों को फिलहाल राहत मिल गई है। यूपीआई ट्रांजैक्शन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू करने का फैसला दिवाली के बाद तक टाल दिया गया है। यह नियम 15 अक्टूबर से लागू होना था, लेकिन व्यापारियों की लगातार मांग और त्योहारों के दौरान कारोबार पर पड़ने वाले असर को देखते हुए सरकार ने फिलहाल इसे टालने का फैसला किया है। अब दिवाली के बाद ही इस पर आगे की स्थिति साफ होगी।
ट्रांजेक्शन पर पड़ा था असर
आपको बता दें कि यूपीआई पर एमडीआर वसूलने की खबर से ट्रांजेक्शन पर असर पड़ा था। मीडिया के मुताबिक, उद्योग से जुड़े लोगों का कहना है कि लेनदेन में मासिक गिरावट की एक वजह अगस्त में 31 और सितंबर में 30 दिन होना भी है। हालांकि, दैनिक औसत लेनदेन सितंबर में बढ़कर 80.2 करोड़ हो गया, जबकि अगस्त में यह 79.1 करोड़ था।
IMPS, RTGS और NEFT से भी हुए करोड़ों लेनदेन
आरबीआई के आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर में तत्काल भुगतान सेवा (IMPS) के जरिए 35.40 करोड़ लेनदेन हुए, जिनकी कुल वैल्यू 7.05 लाख करोड़ रुपये रही। वहीं, RTGS के जरिए 3.25 करोड़ लेनदेन हुए और इनकी कुल वैल्यू 235.71 लाख करोड़ रुपये रही। NEFT के जरिए सितंबर में 86.2 करोड़ लेनदेन हुए, जिनकी कुल वैल्यू 46.75 लाख करोड़ रुपये दर्ज की गई।
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