Budget 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को पोस्ट-बजट वेबिनार में कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है और यह दुनिया के लिए आशा की किरण है। उन्होंने अपने संबोधन में 'अधिक निर्माण, अधिक उत्पादन, अधिक कनेक्ट' के साथ अब 'अधिक निर्यात' पर विशेष जोर दिया।
प्रधानमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस वेबिनार में कहा कि देश की आर्थिक वृद्धि को सतत बनाए रखना और उसे मजबूत करना प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में भारत का आर्थिक ढांचा विश्व स्तर पर भरोसेमंद और प्रेरक है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि जब दुनिया की आपूर्ति शृंखलाएं फिर से व्यवस्थित हो रही हैं, तब भारत की तेज़ प्रगति विकसित भारत के लक्ष्यों की मजबूत नींव साबित होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश की दिशा और संकल्प दोनों ही स्पष्ट हैं। अपने संबोधन में पीएम मोदी ने यह भी कहा कि देश को अधिक निर्माण, अधिक उत्पादन, बेहतर कनेक्टिविटी और निर्यात बढ़ाने की रणनीति अपनानी चाहिए।
उन्होंने बताया कि मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स और एमएसएमई देश की अर्थव्यवस्था के मुख्य स्तंभ हैं और ये आपस में गहराई से जुड़े हुए हैं। मजबूत विनिर्माण ढांचा इन सभी क्षेत्रों में नए अवसर पैदा करता है।
वैश्विक प्रतिस्पर्धा की बात करते हुए प्रधानमंत्री ने अनुसंधान एवं विकास (आरएंडडी) में निवेश बढ़ाने और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप उत्पादों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत ने कई देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते किए हैं, जिससे अवसरों का बड़ा दायरा खुला है। ऐसे में उत्पादों की गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार्य नहीं है।
पीएम मोदी ने कहा कि किसी भी क्षेत्र में अधिकतम संसाधन और प्रयास केंद्रित करना हो, तो वह गुणवत्ता होनी चाहिए। भारतीय उत्पाद न केवल वैश्विक मानकों पर खरे उतरें, बल्कि उन्हें पीछे भी छोड़ें।
प्रधानमंत्री ने उद्योग जगत से कहा कि वे अन्य देशों की जरूरतों और उपभोक्ताओं की अपेक्षाओं का गहन अध्ययन करें। इस आधार पर उपयोगकर्ता-अनुकूल उत्पाद विकसित किए जाएं, तभी मुक्त व्यापार समझौतों के अवसरों का पूरा लाभ उठाया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि अब भारतीय उद्योग को इस विकास मार्ग पर तेजी से आगे बढ़ना है।
पीएम मोदी ने कहा कि वैश्विक बाजार अब केवल लागत नहीं, बल्कि सस्टेनेबिलिटी को भी प्राथमिकता दे रहे हैं। उन्होंने ‘कार्बन कैप्चर, यूटिलाइजेशन और स्टोरेज (CCUS) मिशन’ को इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। प्रधानमंत्री ने उद्योग जगत से अपील की कि वे सस्टेनेबिलिटी को अपनी मूल व्यावसायिक रणनीति में शामिल करें।
उन्होंने कहा कि जो उद्योग समय रहते स्वच्छ तकनीक में निवेश करेंगे, उन्हें आने वाले वर्षों में वैश्विक बाजारों तक बेहतर पहुंच हासिल होगी। पीएम मोदी ने यह भी बताया कि इस साल के बजट ने इस दिशा में नई राह दिखाई है और सभी उद्योग, निवेशक और संस्थान मिलकर इस लक्ष्य की प्राप्ति में योगदान दें।
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