Saturday, Sep 05

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फर्जी कंपनियों से हवाला तक, कैसे होता है काले धन को सफेद करने का खेल? FATF रिपोर्ट में भारत के दो मामलों का खुलासा

काले धन को वैध दिखाने के लिए आपराधिक नेटवर्क किस तरह फर्जी कंपनियों, जाली व्यापारिक दस्तावेजों और हवाला जैसे अनौपचारिक माध्यमों का इस्तेमाल करते हैं, इसका एक बड़ा उदाहरण सामने आया है। पेरिस स्थित फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) की हालिया रिपोर्ट में भारतीय जांच एजेंसियों की ओर से उजागर किए गए मनी लॉन्ड्रिंग के दो मामलों का जिक्र किया गया है। इन मामलों में एक नेटवर्क ने फर्जी व्यापार और शेल कंपनियों के जरिए धन का लेन-देन किया, जबकि दूसरे में अवैध ऑनलाइन जुआ प्लेटफॉर्म की कमाई को विदेश भेजकर दोबारा निवेश के रूप में भारत लाने का तरीका अपनाया गया।

FATF ने अनौपचारिक वित्तीय नेटवर्क पर जताई चिंता

FATF की रिपोर्ट के अनुसार, भूमिगत बैंकिंग, हवाला और इसी तरह की गैर-पंजीकृत वित्तीय सेवाएं अब पेशेवर मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क के लिए महत्वपूर्ण माध्यम बनती जा रही हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि कई देशों ने अवैध धन के हस्तांतरण के प्रमुख तरीकों में इन प्रणालियों का उल्लेख किया है। हालांकि, FATF यह भी मानता है कि अनौपचारिक वित्तीय प्रणालियां कई बार प्रवासी श्रमिकों की वास्तविक धन भेजने की जरूरतों को पूरा करती हैं। लेकिन बिना लाइसेंस के हवाला सेवाओं का संचालन अपराध है और इनके दुरुपयोग से अवैध धन को छिपाना आसान हो जाता है।

पहला मामला: शेल कंपनियों और फर्जी व्यापार का नेटवर्क

रिपोर्ट में मार्च 2022 में भारतीय अधिकारियों की ओर से उजागर किए गए एक सिंडिकेट का जिक्र है। जांच में सामने आया कि इस नेटवर्क से जुड़ी कंपनियों का कोई वास्तविक कारोबार नहीं था। इनमें से कई फर्में डमी लोगों या चोरी किए गए दस्तावेजों के सहारे बनाई गई थीं। जांच के अनुसार, नेटवर्क से जुड़े कारोबारियों ने वास्तविक सामान का आयात तो किया, लेकिन कस्टम दस्तावेजों में उसकी कीमत कम दिखाई। इसके बाद अतिरिक्त धनराशि को भारत से बाहर भेजने के लिए घरेलू शेल कंपनियों और जाली आयात दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया। इस तरह अवैध भुगतान को सामान्य व्यापारिक लेन-देन का रूप देने की कोशिश की गई।

सर्कुलर ट्रेडिंग से छिपाई गई पैसों की असली राह

इस मामले में जांच एजेंसियों ने सर्कुलर ट्रेडिंग का इस्तेमाल भी पाया। आसान शब्दों में समझें तो इसमें सामान को पहले किसी तीसरे देश में संबंधित कंपनी को भेजा जाता है। फिर किसी कारोबारी विवाद का बहाना बनाकर भुगतान रोक दिया जाता है और वही सामान किसी दूसरी संबंधित कंपनी को भेज दिया जाता है। इस प्रक्रिया के जरिए सामान की वास्तविक कीमत, उसके असली खरीदार और अंतिम ठिकाने को छिपाने की कोशिश की जाती है। FATF के अनुसार, ऐसे जटिल व्यापारिक लेन-देन का इस्तेमाल अवैध धन को सीमा पार ले जाने और उसके स्रोत को छिपाने के लिए किया जा सकता है।

दूसरा मामला: ऑनलाइन जुए की कमाई को बनाया वैध निवेश

रिपोर्ट में भारत से जुड़ा दूसरा मामला अवैध ऑनलाइन जुआ प्लेटफॉर्म का है। जांच में पाया गया कि इन प्लेटफॉर्म पर ताश और अन्य खेलों में पैसे लगाए जाते थे। यूजर्स से रकम जमा कराने और जीत की राशि पहुंचाने के लिए पैनल ऑपरेटरों के नेटवर्क का इस्तेमाल किया गया। इस नेटवर्क में UPI, नेट बैंकिंग, डिजिटल वॉलेट और चोरी की पहचान से खोले गए बैंक खातों का इस्तेमाल किया गया। जांच के अनुसार, अवैध कमाई के एक हिस्से को पहले नकदी में बदला गया और फिर हवाला के जरिए विदेश भेज दिया गया। इसके बाद यही धन संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से वैध विदेशी निवेश के रूप में भारत वापस लाया गया। इस तरह अवैध कमाई को वैध निवेश का रूप देने की कोशिश की गई।

डिजिटल हवाला ने बढ़ाई जांच एजेंसियों की चुनौती

FATF की रिपोर्ट में डिजिटल हवाला के बढ़ते इस्तेमाल का भी उल्लेख है। कुछ मामलों में जांच एजेंसियों ने पाया कि ऐसे ऑपरेटर सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के जरिए अपना नेटवर्क चला रहे हैं। WhatsApp और Telegram जैसे ऐप का इस्तेमाल संपर्क, भुगतान और लेन-देन के समन्वय के लिए किया जा सकता है। इससे जांच एजेंसियों के सामने नई चुनौती खड़ी हो गई है, क्योंकि डिजिटल माध्यमों के जरिए चलने वाले नेटवर्क में कई देशों के बैंक खाते, डिजिटल भुगतान और नकदी लेन-देन शामिल हो सकते हैं।

FATF की रिपोर्ट में सामने आए ये मामले बताते हैं कि मनी लॉन्ड्रिंग अब केवल नकदी के लेन-देन तक सीमित नहीं है। फर्जी कंपनियां, जाली व्यापारिक दस्तावेज, ऑनलाइन जुआ और डिजिटल हवाला जैसे माध्यमों का इस्तेमाल अवैध धन को छिपाने और उसे वैध दिखाने के लिए किया जा रहा है। भारतीय जांच एजेंसियों की कार्रवाई से ऐसे नेटवर्क के काम करने के तरीकों का पता चलता है, वहीं FATF की रिपोर्ट इस चुनौती से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निगरानी और सहयोग की जरूरत को भी रेखांकित करती है।

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