Why is Holi celebrated
Why is Holi celebrated: होली भारत का ऐसा त्योहार है, जो रंगों के साथ-साथ खुशी, मेल-मिलाप और नई शुरुआत का संदेश देता है। इस दिन लोग पुराने गिले-शिकवे भूलकर एक-दूसरे को रंग लगाते हैं, मिठाइयाँ बांटते हैं और हंसी-ठिठोली के साथ त्योहार मनाते हैं। लेकिन बहुत से लोगों के मन में सवाल होता है ।होली का पर्व आखिर क्यों मनाया जाता है ,इसके पीछे सिर्फ रंग खेलना नहीं, बल्कि एक बहुत बड़ी पौराणिक कहानी और गहरा संदेश जुड़ा है।
होली मनाने के पीछे सबसे मुख्य कारण माना जाता है,बुराई पर अच्छाई की जीत। इस पर्व का संबंध भक्त प्रह्लाद, हिरण्यकश्यप और होलिका की कथा से है। यही वजह है कि होली से एक दिन पहले होलिका दहन किया जाता है।
पुराणों के अनुसार, बहुत समय पहले एक शक्तिशाली राजा था हिरण्यकश्यप। उसे वरदान मिला था कि उसकी मृत्यु न दिन में होगी, न रात में न घर के अंदर, न बाहर,न मनुष्य से, न पशु से,न अस्त्र से, न शस्त्र से। इस वरदान के बाद उसका अहंकार बहुत बढ़ गया और उसने खुद को भगवान मान लिया। उसने अपने राज्य में यह आदेश जारी कर दिया कि कोई भी भगवान विष्णु की पूजा नहीं करेगा।
हिरण्यकश्यप का बेटा प्रह्लाद भगवान विष्णु का परम भक्त था। वह रोज़ भगवान विष्णु का नाम जपता और उनकी पूजा करता था। राजा ने प्रह्लाद को बहुत समझाया, धमकाया और कई बार सजा भी दी, लेकिन प्रह्लाद अपनी भक्ति से पीछे नहीं हटा।
जब हिरण्यकश्यप को लगा कि प्रह्लाद किसी भी तरह नहीं मानेगा, तो उसने उसे मारने की योजना बनाई। हिरण्यकश्यप की बहन का नाम था होलिका।
होलिका को यह वरदान मिला था कि आग उसे जला नहीं सकती। हिरण्यकश्यप ने होलिका से कहा कि वह प्रह्लाद को गोद में लेकर आग में बैठे, ताकि प्रह्लाद जल जाए और होलिका बच जाए।
होलिका प्रह्लाद को लेकर अग्नि में बैठ गई। लेकिन प्रह्लाद भगवान विष्णु का नाम जपता रहा। होलिका जलकर राख हो गई और प्रह्लाद पूरी तरह सुरक्षित बच गया यही घटना आगे चलकर होलिका दहन के रूप में मनाई जाने लगी।
होलिका के जलने के बाद भी हिरण्यकश्यप का अहंकार खत्म नहीं हुआ। उसने प्रह्लाद से पूछा “अगर तुम्हारा भगवान हर जगह है, तो क्या वो इस खंभे में भी है ” प्रह्लाद ने कहा “हाँ, भगवान हर जगह हैं।” गुस्से में हिरण्यकश्यप ने खंभे पर वार किया। तभी भगवान विष्णु नरसिंह अवतार में प्रकट हुए जो आधे मनुष्य और आधे सिंह थे। और हिरण्यकश्यप का अंत कर दिया।
होली सिर्फ रंगों का त्योहार नहीं है, बल्कि यह एक ऐसा पर्व है जो हमें याद दिलाता है कि अच्छाई, सच्चाई और भक्ति की हमेशा जीत होती है। और बुराई चाहे कितनी भी ताकतवर हो, उसका अंत तय है। इसी संदेश के साथ हर साल होली मनाई जाती है। होलिका दहन से लेकर रंगवाली होली तक।
ये भी पढ़ें: Holi 2026: इन 5 शहरों की होली है सबसे अनोखी, रंगों का ऐसा जश्न नहीं देखा होगा आपने! जानें उन जगहों के नाम
Sikkim Landslide: सिक्किम में लगातार हो रही बारिश के बीच गुरुवार की देर रात बड़ा…
Beta Pictoris b Radio Signal: अंतरिक्ष से मिले एक रहस्यमयी रेडियो सिग्नल ने वैज्ञानिकों का…
Trump Xi Meet: अमेरिका और चीन के बीच जारी तनाव के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप…
UAE Company iPhone Gift: ऑफिस में बॉस की मीटिंग का नाम सुनकर आमतौर पर कर्मचारी…
Seema Khanna Election Commission: भारतीय चुनाव आयोग में वोटर लिस्ट और डिजिटल सिस्टम को लेकर…
Mushtaq Khan Death: बॉलीवुड अभिनेता मुश्ताक खान के निधन से फिल्म इंडस्ट्री में शोक की…