Masoud Pezeshkian statement: मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच मसूद पेज़ेशकियन ने एक महत्वपूर्ण बयान जारी किया है। शनिवार को राष्ट्र को संबोधित करते हुए ईरान के राष्ट्रपति ने हाल के हमलों के कारण पड़ोसी देशों को हुई चिंताओं के लिए खेद व्यक्त किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान की नीतियों का उद्देश्य क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखना है और किसी भी देश के खिलाफ आक्रामक कार्रवाई करना उसकी रणनीति का हिस्सा नहीं है। राष्ट्रपति का यह संबोधन ऐसे समय में आया है जब क्षेत्र में कई घटनाओं ने तनाव को बढ़ा दिया है। इस पृष्ठभूमि में ईरान की ओर से दिया गया यह बयान कूटनीतिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है।
राष्ट्रपति पेज़ेश्कियन ने राष्ट्रीय टेलीविजन पर प्रसारित अपने भाषण में कहा कि ईरान अपने पड़ोसी देशों के साथ शांति और सहयोग की नीति पर कायम है। उन्होंने बताया कि हाल की घटनाओं से यदि किसी देश को नुकसान या असुरक्षा की भावना हुई है, तो उसके लिए ईरान खेद व्यक्त करता है। उन्होंने यह भी दोहराया कि ईरान की सैन्य और राजनीतिक नीति केवल आत्मरक्षा पर आधारित है। राष्ट्रपति के अनुसार, देश किसी भी प्रकार के क्षेत्रीय टकराव को बढ़ावा नहीं देना चाहता और न ही वह किसी अन्य राष्ट्र की संप्रभुता को चुनौती देना चाहता है।
अपने संबोधन के दौरान राष्ट्रपति ने यह भी बताया कि ईरान की अस्थायी नेतृत्व परिषद ने एक अहम निर्णय लिया है। परिषद ने इस बात को मंजूरी दे दी है कि पड़ोसी देशों पर किसी भी प्रकार की सैन्य कार्रवाई को फिलहाल रोक दिया जाएगा।
हालांकि इस निर्णय के साथ एक शर्त भी रखी गई है। राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में ईरान पर किसी पड़ोसी देश द्वारा सीधे हमला किया जाता है, तो ऐसी स्थिति में देश अपनी सुरक्षा के लिए जवाबी कदम उठाने का अधिकार सुरक्षित रखेगा। यह निर्णय क्षेत्रीय तनाव को कम करने की दिशा में ईरान की एक कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
अपने भाषण में पेज़ेश्कियन ने पड़ोसी देशों के साथ अच्छे संबंध बनाए रखने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि मध्य पूर्व जैसे संवेदनशील क्षेत्र में शांति और सहयोग ही स्थायी समाधान का रास्ता है।
राष्ट्रपति के अनुसार, आर्थिक, राजनीतिक और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को बातचीत और कूटनीति के जरिए हल किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ईरान अपने पड़ोसी देशों के साथ संवाद को बढ़ाने के लिए तैयार है और क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने में रचनात्मक भूमिका निभाना चाहता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि राष्ट्रपति का यह बयान क्षेत्रीय तनाव को कम करने के उद्देश्य से दिया गया एक कूटनीतिक संकेत हो सकता है। हाल के दिनों में मध्य पूर्व में बढ़ती सैन्य गतिविधियों के कारण कई देशों में चिंता बढ़ी है। ऐसे माहौल में ईरान की ओर से दिया गया यह आश्वासन यह दिखाने की कोशिश करता है कि देश किसी बड़े संघर्ष में शामिल होने से बचना चाहता है।
राष्ट्रपति पेज़ेश्कियन ने अपने संबोधन के अंत में ईरानी जनता से संयम और एकजुटता बनाए रखने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा और क्षेत्रीय शांति दोनों ही ईरान की प्राथमिकता हैं, और सरकार इसी दिशा में संतुलित कदम उठाती रहेगी।
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