Social media influencer tax: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कंटेंट बनाना आज कई लोगों के लिए आय का बड़ा जरिया बन चुका है। इंस्टाग्राम, यूट्यूब और अन्य डिजिटल माध्यमों से कमाई करने वाले क्रिएटर्स की संख्या तेजी से बढ़ रही है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि ऑनलाइन आय के साथ टैक्स नियमों का पालन करना भी उतना ही जरूरी है।
एक रिपोर्ट के मुताबिक, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को भी अन्य स्वरोजगार व्यक्तियों की तरह कर कानूनों का पालन करना होता है। अधिकांश क्रिएटर्स को कर्मचारी के बजाय स्वतंत्र ठेकेदार की श्रेणी में रखा जाता है, जिसका अर्थ है कि उनकी कमाई से टैक्स स्वतः नहीं काटा जाता।
टैक्स एक्सपर्ट के अनुसार, स्वतंत्र रूप से काम करने वाले इन्फ्लुएंसर्स को अपनी आय और व्यय का रिकॉर्ड रखना चाहिए। फिड्यूशरी ट्रस्ट इंटरनेशनल के कर प्रबंध निदेशक रिचर्ड पियानोफोर्ट ने बताया कि कर्मचारी के रूप में W-2 आय की तुलना में स्व-रोजगार आय की रिपोर्टिंग अधिक जटिल होती है।स्व-रोजगार करने वालों को सामान्य आयकर के अलावा 15.3 प्रतिशत स्व-रोजगार कर भी देना पड़ता है, जिसमें सामाजिक सुरक्षा और मेडिकेयर का अंश शामिल होता है। यह अतिरिक्त दायित्व कई नए क्रिएटर्स के लिए अप्रत्याशित हो सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इन्फ्लुएंसर की कर योग्य आय केवल नकद भुगतान तक सीमित नहीं होती। उन्हें निम्नलिखित स्रोतों से होने वाली कमाई को भी रिपोर्ट करना होता है:
1.प्रायोजित पोस्ट और ब्रांड सहयोग
2.प्लेटफॉर्म से प्राप्त विज्ञापन राजस्व
3.एफिलिएट मार्केटिंग से आय
4. मुफ्त उत्पाद या प्रचार सामग्री, जिनका उचित बाजार मूल्य तय किया जा सकता है
5. वस्तु विनिमय, जैसे सेवाओं के बदले सामान या आवास प्राप्त करना
आईआरएस में पंजीकृत एजेंट हन्ना कोल के अनुसार, यदि किसी सेवा के बदले वस्तु या सुविधा प्राप्त होती है, तो उसका मूल्य भी आय के रूप में दर्ज किया जाना चाहिए, जो क्रिएटर्स किसी कंपनी से 600 डॉलर या उससे अधिक कमाते हैं, उन्हें आमतौर पर फॉर्म 1099-NEC जारी किया जाता है। हालांकि, यदि यह फॉर्म न भी मिले, तब भी पूरी आय की जानकारी देना अनिवार्य है।
अमेरिकी कर प्रणाली “पे-एज-यू-गो” मॉडल पर आधारित है। यदि किसी क्रिएटर पर साल में 1,000 डॉलर या उससे अधिक कर बनता है, तो उसे आम तौर पर तिमाही अनुमानित भुगतान करना पड़ता है। वार्षिक रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 15 अप्रैल होती है। इसके अलावा यदि आय विभिन्न राज्यों में स्थित कंपनियों से आती है, तो राज्य कर नियम भी लागू हो सकते हैं।
स्वरोजगार करने वालों को वैध व्यावसायिक खर्चों पर कटौती का लाभ मिलता है। इनमें कैमरा, लाइटिंग उपकरण, इंटरनेट, फोन बिल और होम ऑफिस का खर्च शामिल हो सकता है। कंटेंट निर्माण के लिए उपयोग की जाने वाली विशेष वस्तुएं—जैसे परिधान या ऑन-कैमरा मेकअप—भी कुछ परिस्थितियों में छूट के दायरे में आ सकती हैं।
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